पहाड़ों की वादियों में मौसम हो रहा सुहावना, टॉय ट्रेन से शिमला कब होगा जाना? सैलानियों को बेसब्री से इंतजार
कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर भूस्खलन से हुए नुकसान के कारण टॉय ट्रेन सेवा 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक रद ...और पढ़ें

विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला ट्रैक पर टॉय ट्रेन सेवा रद। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
कालका-शिमला टॉय ट्रेन सेवा 30 नवंबर तक रद।
भूस्खलन से टकसाल-धर्मपुर के पास ट्रैक क्षतिग्रस्त।
टाॅय ट्रेन संचालन का सैलानियों को बेसब्री से इंतजार
राजकुमार, कालका (पंचकूला)। सर्दी की शुरआत होन पहाड़ों की वादियों में मौसम सुहावना हो रहा है, टॉय ट्रेन से विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला ट्रैक पर सफर आनंददायक रहता है। इसके लिए दो महीने इंतजार करना पड़ सकता है।
टकसाल और धर्मपुर के बीच चार स्थानों पर नीचे से जमीन खिसकने के कारण ट्रैक हवा में लटक हुआ है। करीब एक महीने से टॉय ट्रेन सेवा बंद है। अब रेलवे ने एक अक्टूबर से 30 नवंबर तक सेवा रद रखने का एलान किया है। इससे देश-विदेश से कालका-शिमला आने वाले पर्यटकों की टॉय ट्रेन से सफर करने की उम्मीदों को झटका लगा है।
मानसून के दौरान कालका-शिमला रेल मार्ग पर भूस्खलन के कारण कई बार ट्रेन सेवा प्रभावित हुई। कई मौकों पर बीच रास्ते में फंसे यात्रियों को सड़क मार्ग से कालका स्टेशन तक पहुंचाना पड़ा।
29 अगस्त को टकसाल के पास भारी भू-कटाव से ट्रैक का एक हिस्सा हवा में लटक गया। इसके बाद दो-तीन अन्य स्थानों पर भी ट्रैक के नीचे जमीन खिसकने से ऐसी स्थिति बन गई। इससे रेलवे की मुश्किलें बढ़ गईं।
महीनेभर से बंद है सेवा
टकसाल समेत चार स्थानों पर ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के बाद रेलवे ने शुरुआत में करीब दस दिन के लिए टॉय ट्रेन सेवा रद की थी। एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी कालका से शिमला के बीच नियमित सेवा बहाल नहीं हो सकी है। रेलवे की ओर से ट्रैक की मरम्मत का काम जारी है।
30 नवंबर तक ट्रेनें रद
ट्रैक की स्थिति और मरम्मत कार्य को देखते हुए रेलवे ने 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक कालका-शिमला टॉय ट्रेन सेवा रद रखने का निर्णय लिया है।
हालांकि, ट्रैक की मौजूदा स्थिति को देखते हुए रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि मरम्मत कार्य पूरा होने में निर्धारित अवधि से अधिक समय भी लग सकता है। ऐसे में नैरो गेज रेल लाइन पर टाॅय ट्रेन के संचालन का सैलानियों को बेसब्री से इंतजार है।
