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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पिछले जाट आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को 15 दिन में नौकरी

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Fri, 27 Jan 2017 08:04 PM (IST)Updated: Fri, 27 Jan 2017 08:27 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने पिछले जाट आरक्षण आंदोलन में हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों काे 15 दिन के अंदर ...और पढ़ें

पिछले जाट आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को 15 दिन में नौकरी
पिछले जाट आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को 15 दिन में नौकरी

जेएनएन, चंडीगढ़। पिछले साल फरवरी में हुए जाट आंदोलन के दौरान हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को हरियाणा सरकार 15 दिन में नौकरी देगी। साथ ही हिंसा और आगजनी के आरोप में जेलों में बंद युवाओं को आम माफी की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ खापों के प्रतिनिधियों की बैठक में यह सहमति बनी। मुख्यमंत्री निवास पर करीब साढ़े तीन घंटे तक चली बैठक में प्रदेश भर से 94 खाप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 29 जनवरी को फिर से होने वाले आंदोलन को टालने की मंशा से यह बैठक हुई है।

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बैठक में सर्वप्रथम पिछले साल आंदोलन के दौरान मारे गए युवाओं के आश्रितों को नौकरी और आर्थिक सहायता का मुद्दा उठा। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि मारे गए लोगों के परिवार से किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। आवेदन के 15 दिन के भीतर आश्रितों को सरकारी सेवा का नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। रही बात आर्थिक सहायता की तो सरकार पहले ही निर्दोष लोगों के आश्रितों को दस लाख रुपये मुआवजा दे चुकी है।

मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद जाट संगठनों के नेता।

जेल में बंद लोगों की रिहाई और उन पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग पर उन्होंने साफ कहा कि निर्दोष लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों की दोबारा जांच कराई जाएगी लेकिन दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में जाट प्रतिनिधियों ने एक सुर में मुद्दा उठाया कि आंदोलन में शामिल रहे लोगों को आम माफी देकर जेलों से रिहा किया जाए।

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इसके लिए उन्होंने मणिपुर का हवाला दिया जहां पुलिस अधिकारियों की हत्या के आरोपियों को आम माफी देकर छोड़ दिया गया था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस पर कानूनी विशेषज्ञों से राय लेने के बाद ही कोई फैसला कर सकती है।

सीएम के साथ बैठक में यह रहे मौजूद

बैठक में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हवा सिंह सांगवान, जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश मान, समैण खाप के प्रधान सूबे सिंह समैण, हुड्डा खाप के प्रधान इंद्रजीत सिंह के साथ ही मलिक, कंडेला, गहलावत, दहिया, कादियान, चहल के अलावा दर्जनभर अन्य खापों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के बाद हवा सिंह सांगवान ने कहा कि हम यशपाल मलिक के अांदोलन में भाग नहीं लेंगे। हम राज्य सरकार द्वारा आरक्षण को लेकर की गई कार्रवाई से संतुष्ट हैं।

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'' खाप प्रतिनिधियों के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बैठक हुई। सभी ने पिछले साल आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर दुख जताते हुए इस बार किसी भी सूरत में स्थिति को न बिगडऩे देने का भरोसा दिलाया है। आंदोलन के दौरान मारे गए सभी लोगों के एक-एक परिजन को आवेदन करने पर 15 दिन में नौकरी दे दी जाएगी।
- कैप्टन भूपेंद्र सिंह, ओएसडी, सीएम।