विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

टेलीकॉम से आगे टेक्नोलॉजी कंपनी बनने की राह पर जियो, AI और 5G पर विशेष जोर; दाखिल किए 6817 पेटेंट

Published: Sat, 26 Sep 2026 09:07 PM (IST)

जियो अब खुद को सिर्फ टेलीकॉम कंपनी तक सीमित न रखकर एक टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में विकसित कर रहा ...और पढ़ें

टेलीकॉम से आगे टेक्नोलॉजी कंपनी बनने की राह पर जियो। सांकेतिक फोटो

टेलीकॉम से आगे टेक्नोलॉजी कंपनी बनने की राह पर जियो। सांकेतिक फोटो

HighLights

  1. जियो टेलीकॉम से टेक्नोलॉजी कंपनी में बदल रहा है।

  2. स्वदेशी तकनीक, AI, क्लाउड पर कंपनी का फोकस।

  3. 6,817 पेटेंट दाखिल, 1,009 को वैश्विक मंजूरी मिली।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। देश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में बदलाव लाने के बाद जियो अब खुद को टेलीकाम कंपनी तक सीमित रखने के बजाय टेक्नोलाजी कंपनी के रूप में विकसित कर रहा है। कंपनी का फोकस स्वदेशी तकनीक, बौद्धिक संपदा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), क्लाउड और एंटरप्राइज प्लेटफार्म पर है। साथ ही भारत में विकसित तकनीक को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी है।

31 मार्च 2026 तक जियो प्लेटफार्म्स और उसकी सहायक कंपनियों ने 6,817 पेटेंट दाखिल किए हैं, जिनमें से 1,009 को वैश्विक मंजूरी मिल चुकी है। इन पेटेंट में 4जी, 5जी, 6जी, एआइ और क्लाउड तकनीक शामिल हैं।

कंपनी ने चंडीगढ़ में दी खास जानकारी

कंपनी की इंजीनियरिंग व टेक्नोलाजी टीम में 11,303 कर्मचारी हैं। कंपनी की ओर से चंडीगढ़ में जानकारी दी गई कि जियो ने अपना 5जी कोर, ओएसएस/बीएसएस और रेडियो-आपरेशन साफ्टवेयर विकसित कर एंड-टू-एंड 5जी टेक्नोलाजी स्टैक तैयार किया है।

मार्च 2026 तक उसके 5जी यूजर्स 26.8 करोड़ से अधिक और कुल ग्राहक आधार 52.4 करोड़ से ज्यादा था। वित्त वर्ष 2025-26 में नेटवर्क ने 241 एक्साबाइट डेटा ट्रैफिक संभाला।

कंपनी अब मोबाइल कनेक्टिविटी, होम ब्राडबैंड और आटोनामस कनेक्टिविटी तकनीक को दूसरे आपरेटरों और एंटरप्राइजेज के लिए पेश करने की दिशा में बढ़ रही है। एआइ, प्राइवेट 5जी, एज कंप्यूटिंग, क्लाउड और 6जी को इसके अगले विकास क्षेत्र के तौर पर देखा जा रहा है।