जेएनएन, चंडीगढ़। इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा के निधन से खाली हुई जींद विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। प्रदेश सरकार की कोशिश जहां लोकसभा चुनाव के साथ उपचुनाव कराने की है, वहीं कांग्रेस ने नियमों की दुहाई देते हुए इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नियमानुसार विधानसभा या लोकसभा के किसी भी खाली सीट को भरने के लिए उपचुनाव को छह महीने से ज्यादा नहीं टाला जा सकता। चूंकि विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा का निधन अगस्त के अंतिम सप्ताह में हुआ था, इसलिए फरवरी अंत तक उपचुनाव हो जाना चाहिए। मार्च-अप्रैल में लोकसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर प्रदेश सरकार ने जींद विधानसभा सीट पर उपचुनाव को तब तक टालने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। चुनाव आयोग ने भी इस पर सहमति जताई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि जल्द ही कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयोग से मिलकर उपचुनाव छह महीने के भीतर कराने की मांग करेगा। उन्होंने आरोप जड़ा कि भाजपा लोकसभा व विधानसभा चुनावों में संभावित हार के डर से असंवैधानिक कार्य करने पर उतारू है। अभी हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल एक साल का बचा है और उपचुनाव टलने की स्थिति में लोगों के मताधिकार का हनन होगा।

गुरुग्राम निगम की वार्डबंदी पर उठे सवाल

तंवर ने कहा कि गुरुग्राम नगर निगम की वार्डबंदी में गलत तरीके से अनुसूचित जाति की सीटों को आरक्षित किया गया जिससे चुनाव में धंाधली हुई। स्थानीय भाजपा विधायक तथा सांसद के दबाव में यह हेराफेरी हुई। उन्होंने इन चुनावों को रद कर नई वार्डबंदी कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जरूरी हुआ तो कांग्रेस अदालत जाएगी।

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Posted By: Kamlesh Bhatt