जेएनएन, चंडीगढ़। गैरजाट नेता हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुलकर जाट राजन‍ीति कर रहे हैं। उन्‍होंने खुद को जाटों का प्रतिनिधि बताकर हुड्डा और चौटाला को लड़ते रहने की नसीहत दी है। उन्होंने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक को भी लपेटे में लिया। मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश की जनता और जाट समाज के लोग हुड्डा, चौटाला और मलिक को अच्छी तरह से जान चुके हैैं। जाटों के असली प्रतिनिधि हुड्डा या चौटाला नहीं, बल्कि मैैं हूं।

चंडीगढ़ में मीडिया कर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस बात से इन्कार किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं में किसी तरह की नाराजगी है। उन्‍होंने कहा, मैैं खुद वर्कर हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्कर हैैं। पहली बार किसी सरकार में 2500 कार्यकर्ताओं को एडजस्ट किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा में तीन तरह के कार्यकर्ता हैैं। पहले वे जो संगठन के हैं और संगठन के कार्यों तक सीमित हैैं। दूसरे वे जो सरकार की नीतियों को आम लोगों तक पहुंचाने में जुटे रहते हैं। तीसरे वे जो दूसरे दलों से आए हैं। तीसरी तरह के कार्यकर्ताओं की चाहत बहुत कुछ हो सकती है और वे कुछ नाराज भी हो सकते हैैं। पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता किसी सूरत में नाराज नहीं हो सकता।

मनोहर लाल ने लोकसभा के साथ 12 राज्यों के विधानसभा चुनाव की संभावनाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि 2024 में एक देश-एक चुनाव की योजना को सिरे चढ़ाया जा सकता है। मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ के साथ लोकसभा चुनाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह भी संभव नहीं लगता। यदि हरियाणा में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव हुए तो हरियाणा भाजपा व सरकार पूरी तरह से तैयार है।

मुख्यमंत्री को उम्मीद है कि हरियाणा में लगातार दूसरी बार भी भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनेगी। उन्होंने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि अब सिस्टम बदला है और किसी भी फाइल को अनावश्यक रोका नहीं जाता। फरीदाबाद में हुई भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के फैसलों से जुड़े सवाल पर मनोहर लाल ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर कमेटियां गठित की जा चुकी और बूथ स्तर पर पदाधिकारी नियुक्त हो चुके हैं।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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