यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जाट संगठनों के टकराव के बीच रोहतक में आंदोलन शुरू
जाटों ने घोषित तिथि से दो दिन पहले ही अपना आंदोलन शुरू कर दिया है। जाट जागृति सेना ने रोहतक ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में जाटों के आंदाेलन को लेकर रस्साकसी तेज हो गई है। कई जाट संगठन अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक द्वारा 29 जनवरी से अांदोलन का विरोध कर रहे हैं। कई खापों ने महापंचायत कर मलिक का विरोध किया है। दूसरी ओर, रोहतक मेें जाट जागृति सेना ने आंदोलन शुरू कर दिया है। संगठन से जुड़े सदस्यों ने धरना शुरू कर दिया है।
जाट जागृति सेना को मलिक गुट का विरोधी माना जाता है। संगठन के सदस्यों ने जाट आरक्षण के लिए धरना सुबह सेक्टर छह में शुरू किया। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन से पहले ही अनुमति मांगी थी। जाट जागृति सेना की अगुवाई राहुल दादु कर रहे हैं।
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बता दें कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने राज्य में 29 जनवरी को शुरू कर दी थी। लेकिन कई जाट संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। इसी बीच रोहतक में जाटों का धरना शुरू हो जाने से माहौल गरमा गया है।
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खापों ने कहा- यशपाल मलिक के कहने पर नहीं होगा आंदोलन
दूसरी अोर, जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर खापों की महपंचायत हुई। इसमें फैसला कि गया क 29 जनवरीे से आंदोलन नहीं होगा। खाप नेताओं ने कहा कि अब यशपाल मलिक के कहने से हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन नहीं होगा। वह बाहरी व्यक्ति हैं अौर अपने स्वार्थ के लिए यहां माहौल खराब करने में जुटे हैं। महापंचायत में 60 खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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खाप पंचायताें के प्रतिनिधि आज दोपहर बाद मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे और सरकार से जाट आरक्षण को लेकर अा रही बाधाओं को जल्द दूर करने की मांग करेंगे। महापंचायत में फैसला किया गया कि 26 फ़रवरी जींद मेंजाटों की महा रैली होगी। इसमें फैसला होगा कि जाट आरक्षण आंदोलन हरियाणा में आगे करना है या नहीं।
