नई दिल्ली। अपने बेबाक अंदाज और स्पष्टवादिता के कारण सदैव चर्चा में रहने वाले गृह मंत्री अनिल विज इन दिनों पुलिसकर्मियों के बीच हीरो बने हुए है। वैसे तो कोरोना से जंग वाले तीनों विभागों के योद्धा उनके ही मातहत काम करते हैं, लेकिन पुलिसकर्मियों के उनकी लोकप्रियता का सेंसेक्स एक ही दिन में अचानक उछलकर टॉप पर पहुंच गया और तब से उसी पर काबिज है। हुआ यह कि हरियाणा सरकार ने सभी कर्मचारियों के लिए 10 फीसद राशि कोविड राहत फंड के लिए वेतन से काटने के निर्देश जारी किए थे। पुलिस कर्मियों के लिए यह व्यवस्था तीन दिन का वेतन काटने की थी, लेकिन हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में गृह विज अड़ गए। बोले, पुलिस कर्मी दिन रात अपेक्षा से बहुत अधिक ड्यूटी कर रहे हैं। उन्हेंं तो अतिरिक्त राशि मिलनी चाहिए, उनका वेतन काटा जाना गलत है। विज के इस तर्क पर सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा।

ये गमछा बड़े काम की चीज है

फैशन के दौर में भले ही गर्मी से बचाव को इस्तेमाल किए जाने वाला गमछा लोगों के कंधे पर कम ही दिखाई देता है मगर कोरोना के कहर से बचाव को डॉक्टर गमछे को मास्क का बेहतर विकल्प बता रहे हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर फरीदाबाद स्थित ईएसआइ मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सुविधाओं का निरीक्षण किया। यहां बने कोविड-19 वार्ड के लिए खरीदी गई स्वास्थ्य सुविधाओं में जब गुर्जर ने गमछे रखे देखे तो उन्होंने ईएसआइ मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. असीम दास गुप्ता से इसका कारण पूछा। जो जबाव मिला उसे सनुकर मंत्री जी बड़े खुश हुए। डॉ.गुप्ता ने बताया कि बाजार से लिए मास्क को एक या दो बार इस्तेमाल करने के बाद खत्म (डिस्पोज ऑफ) करने की बड़ी दुविधा है। मगर मास्क की जगह चार परत कर गमछा इस्तेमाल किया जाता है तो यह गर्म पानी में धोने पर फिर से इस्तेमाल करने लायक हो जाता है।

वादा कैसे निभाएंगे

सांसदों की निधि अगले दो साल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। प्रदेश में कांग्रेस के एकमात्र सांसद दीपेंद्र हुड्डा सहित सभी ने प्रबल सहमति जताई। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने तो यह ऑफर तक दिया कि देशहित में उनका पांच साल का कोष भी ले लिया जाए तो यह उनका सौभाग्य होगा। गुर्जर की तरह सभी सांसद कोष स्थगित करने से दुखी नहीं है मगर उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि वे अपनी पूर्व की घोषणाओं को कैसे पूरी करेंगे। वासत्व में इन सांसदों को पता है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कैबिनेट द्वारा मंजूर अध्यादेश जिस समय से जारी हुआ है, उसी समय से लागू हो जाएगा। पिछली तारीखों में यदि किसी ने अपनी पूर्व की घोषणाएं पूरी की तो उसकी खैर नहीं। ऐसे में कुछ सांसदों को यह चिंता सता रही है कि वे जिनको आश्र्वासन दे बैठे हैं उनको कैसे समझाएंगे।

सटीक भविष्यवक्ता अपने बड़े वाले पंडित जी

बड़े पंडितजी। अरे वही अपने पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा । वह ऐसे नेताओं में शामिल हैं जो भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। चालीस साल पहले भाजपा गठन के समय मुंबई के बांद्रा में हुई सभा के संस्मरण भी बड़े पंडितजी खूब सुनाते हैं। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान आए भाजपा के स्थापना दिवस पर कुछ संस्मरण सांझा किए। बताया कि मुंबई में पार्टी के वरिष्ठ नेता जगन्नाथ राव जोशी ने अपने भाषण में कहा था कि लोगों ने अपने यहां शटल (दैनिक यात्री रेलगाड़ी) तो खूब देखे होंगे मगर अब देश में अटल देखेंगे। बड़े पंडितजी बताते हैं कि इस अधिवेशन में अनेक वक्ताओं ने अपने अंदाज में यह भविष्यवाणी कर दी थी अटल जी प्रधानमंत्री अवश्य बनेंगे। अब पंडितजी आगे बढ़ते हैं तो यह बताते हैं कि उस समय ये घोषणाए ठीक वैसे ही थीं जैसे हमने मोदी के पीएम बनने के लिए की थीं। (प्रस्तुति: बिजेंद्र बंसल)

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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