चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता रह चुके इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला एक बार फिर भतीजे उपमुख्‍यमंत्री दुष्यंत चौटाला पर जमकर बरसे। चाचा ने कई राजनीतिक मसलों पर भतीजे की घेराबंदी की। इसके साथ ही उनके विभागों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाए। अभय ने कहा कि पहले चावल मिल मालिकों से एक-एक लाख रुपये लिए गए। फिर नोटिस खत्म करने के 50-50 हजार रुपये इकट्ठा हुए हैैं। अब गैस एजेंसियों से 15-15 हजार रुपये इकट्ठा किए जा रहे हैैं।

राजनीतिक मसलों पर की घेराबंदी, कहा जजपा का भाजपा में कभी भी विलय

चंडीगढ़ स्थित इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में अभय चौटाला ने कहा कि धान घोटाले की सीबीआइ जांच कराई जानी चाहिए। चावल मिल मालिकों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये क्यों इकट्ठा किए गए, यह जांच का विषय है। गैस एजेंसी मालिकों से इकट्ठा किए जा रहे पैसों के सबूत वह जल्द पेश करेंगे।

चावल मिल मालिकों व गैस एजेंसियों से धन वसूलने के लगाए गंभीर आरोप

अभय चौटाला ने कहा कि विधानसभा को सरकारी विभाग की तरह चलाया जा रहा है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भाजपा के हाथों में खेल रहे हैैं। उन्होंने सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए सरकार पर कोई दबाव नहीं बनाया। दिल्ली में चुनाव नहीं लडऩे की जजपा की घोषणा पर अभय ने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब जजपा का भाजपा में विलय होगा। सरकार गठन के समय भाजपा ने जजपा से समर्थन नहीं मांगा था। जजपा के लोग खुद समर्थन देने के लिए उतावले थे।

अभय ने कहा कि भाजपा ने इस शर्त के साथ जजपा का समर्थन लिया कि इस पार्टी का भाजपा में विलय किया जाए। उस समय जजपा ने भाजपा नेतृत्व से विलय के लिए थोड़ा समय मांगा था, जो किसी भी समय पूरा हो सकता है। अभय ने कहा कि भाजपा के इशारे पर ही यह लोग हमारी पार्टी से भागे थे।

अभय चौटाला के अनुसार इनेलो कार्यकर्ताओं में उत्साह है। तीन फरवरी तक सभी जिलों में संगठन खड़ा करने के निर्देश दिए गए हैैं। पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला व ताऊ देवीलाल के खून-पसीने से सींचे गए इस संगठन को खड़ा करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। अभय ने चुटकी ली कि पहले दुष्यंत के दादा ओमप्रकाश चौटाला थे। फिर रामकुमार गौतम को दादा बनाया। अब तीसरे दादा की तलाश है।

'हमारी बजाय खुद के संगठन की चिंता करें अभय'

'' अभय सिंह चौटाला को सीरियस लेने की जरूरत नहीं है। उन्हें कोई भी गंभीर व्यक्ति नहीं मानता। उन्हें भाजपा में जजपा के विलय की चिंता नहीं करनी चाहिए। उनका खुद का संगठन कहां खड़ा है, यह उनकी चिंता का विषय हो सकता है। इनेलो के 20 विधायकों में से चार तब हमारे साथ आए थे। अभय यह मंथन करें कि पहले 31, फिर 20 और अब एक विधायक कैसे रह गया।

                                                                                      - दुष्यंत चौटाला, डिप्टी सीएम, हरियाणा।

Posted By: Sunil Kumar Jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस