शतरंज ओलंपियाड में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, तीसरी बार जीता गैप्रींदाश्विली कप; PM मोदी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
भारतीय शतरंज टीम ने उज्बेकिस्तान में 46वें फिडे शतरंज ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन किया, पुरुष टीम ने रजत और महिला टीम ने कांस्य पदक जीता।

शतरंज में भारत का दबदबा कायम, प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला।
HighLights
पुरुष टीम ने रजत, महिला टीम ने कांस्य पदक जीता
भारत ने लगातार तीसरी बार गैप्रींदाश्विली कप जीता
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों को जीत की बधाई दी
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। भारतीय शतरंज ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी बढ़ती ताकत का प्रदर्शन किया है। उज्बेकिस्तान के समरकंद में संपन्न 46वें फिडे शतरंज ओलिंपियाड में भारतीय पुरुष टीम ने रजत और महिला टीम ने कांस्य पदक जीते हैं। इससे भी खास उपलब्धि यह रही कि दोनों वर्गों के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर भारत ने नौना गैप्रींदाश्विली कप लगातार तीसरी बार अपने नाम किया।
भारत ने इससे पहले चेन्नई-2022 और बुडापेस्ट-2024 में भी यह कप जीता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय खिलाड़ियों को जीत की बधाई देते हुए उनका हौसला बढ़ाया है।
अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआइसीएफ) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने चंडीगढ़ में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धि की जानकारी देते हुए इसे भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक हैट्रिक बताया। उनके मुताबिक इस ओलिंपियाड में भारत के खिलाड़ियों ने कुल छह व्यक्तिगत पदक जीते हैं।
महिलाओं में बी साविता ने स्वर्ण, दिव्या देशमुख ने रजत, जबकि वंतिका अग्रवाल और कोनेरू हंपी ने कांस्य पदक हासिल किए। पुरुष वर्ग में डी गुकेश ने रजत और आर प्रज्ञानानंद ने कांस्य पदक जीते। इस तरह टीम पदकों के अलावा व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारत की मजबूत मौजूदगी रही।
भारत की पुरुष टीम ने अंतिम दौर में हंगरी के साथ 2-2 से ड्रा खेला। 18 अंकों के साथ भारत जर्मनी के बराबर रहा, लेकिन बेहतर टाई-ब्रेक के आधार पर भारत को रजत पदक मिला। मेजबान उज्बेकिस्तान 20 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा।
महिला वर्ग में भारत ने जार्जिया से 2-2 की बराबरी की और टाई-ब्रेक के आधार पर कांस्य पदक हासिल किया। चीन ने स्वर्ण और कजाखस्तान ने रजत जीता।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय शतरंज खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका जुनून और दृढ़ संकल्प अनुकरणीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सफलताओं से देश के और अधिक युवा शतरंज खेलने तथा इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।
नितिन नारंग ने प्रधानमंत्री द्वारा खिलाड़ियों व फेडरेशन का हौसला बढ़ाने के लिए उनका आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि से ही शतरंज के खेल में भारतीय प्रगति कर रहे हैं।
नितिन नारंग ने चेन्नई-2022, बुडापेस्ट-2024 और समरकंद-2026 को लगातार तीन ओलिंपियाड और तीन गैप्रींदाश्विली कप की कड़ी के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय शतरंज केवल चैंपियन तैयार नहीं कर रहा, बल्कि एक नए दौर का निर्माण कर रहा है।
समरकंद ओलिंपियाड में 208 टीमों ने ओपन और 192 टीमों ने महिला वर्ग में हिस्सा लिया, जिससे यह अब तक के सबसे बड़े शतरंज ओलिंपियाड में शामिल रहा। कुल 400 टीमें इसमें उतरीं। भारत दोनों वर्गों में 2024 का मौजूदा चैंपियन बनकर पहुंचा था।
छह व्यक्तिगत पदक और लगातार तीसरी गैप्रींदाश्विली कप की जीत यह संकेत देती है कि भारतीय शतरंज में शीर्ष खिलाड़ियों के साथ-साथ महिला और युवा खिलाड़ियों की एक मजबूत पीढ़ी तैयार हो रही है।
