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    भारत ने साइंस में किया क्या कमाल? पंचकूला में होगा इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल, मेजबानी करेगा हरियाणा

    By Sohan Lal Edited By: Sohan Lal
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 11:42 AM (IST)

    भारत ने विज्ञान में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। हरियाणा के पंचकूला में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा, जिसकी मेजबानी हरियाणा करेगा। यह फेस्टिवल भारत की वैज्ञानिक प्रगति को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा और देश की वैज्ञानिक क्षमता को दुनिया के सामने लाएगा।

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    इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल का थीम रहेगा विज्ञान से समृद्धि: फॉर आत्मनिर्भर भारत।

    पंचकूला बनेगा विज्ञान महाकुंभ का केंद्र : 6 से 9 दिसंबर तक इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल-2025 की मेजबानी करेगा हरियाणा

    राजेश मलकानियां, पंचकूला। भारत की साइंस में उपलब्धियों को करीब से जानने का मौका मिलेगा। पंचकूला के सेक्टर-5 के शालीमार ग्राउंड में 6 से 9 दिसंबर तक इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (आईआईएसएफ)-2025 का आयोजन होगा। मेजबानी हरियाणा करेगा।

    थीम रहेगा विज्ञान से समृद्धि: फॉर आत्मनिर्भर भारत। इसमें विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को रेखांकित किया जाएगा। इस थीम का उद्देश्य खुशहाली, आत्मनिर्भरता और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की उभरती प्रगति को गति देना है।

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    भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं, शोध उपलब्धियों और सतत विकास को बढ़ावा देने वाले उन्नत नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। युवा विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक में करियर अपनाने, साइंस-बेस्ड स्टार्टअप्स को विकसित करने और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने पर विशेष फोकस रहेगा। साथ ही वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।

    साइंस सफारी के माध्यम से विज्ञान को खेल, प्रदर्शन और रोमांच के जरिए सरल और मनोरंजक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, वहीं विशाल प्रदर्शनी में अत्याधुनिक रक्षा तकनीक और यूएवी का प्रदर्शन दर्शकों को आकर्षित करेगा।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आवास, सुरक्षा, परिवहन और मीडिया आउटरीच से जुड़े सभी प्रबंध समय से पहले पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि महोत्सव के सफल संचालन के लिए विभागों के बीच समन्वय मजबूत होना आवश्यक है।

    आईआईएसएफ-2025 का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों, नवाचारकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों, उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं और साइंस कम्युनिकेटर्स को एक साझा राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।

    यह मंच नए विचारों, सहयोग और वैज्ञानिक जिज्ञासा को प्रोत्साहित करेगा, साथ ही नवाचारों को समाज हित में सार्थक परिणामों से जोड़ेगा। यह आयोजन केंद्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा अन्य विभागों के सहयोग से किया जा रहा है।

    देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को विशेष अनुभव मिलेगा

    पंचकूला अपने स्वच्छ वातावरण, सुव्यवस्थित शहरी ढांचे और प्राकृतिक सुंदरता के कारण इस आयोजन के लिए आदर्श स्थल माना जा रहा है। माता मनसा देवी मंदिर, पिंजौर गार्डन और मोरनी हिल्स जैसे आकर्षण देश-विदेश से आने वाले प्रतिभागियों को विशेष अनुभव प्रदान करेंगे।

    कई विषयगत और इंटरैक्टिव सत्र शामिल होंगे

    आईआईएसएफ में इस बार कई विषयगत और इंटरैक्टिव सत्र शामिल होंगे—साइंस ऑन स्फीयर, हिमालयाज इन अ चेंजिंग क्लाइमेट, थॉट लीडर्स राउंड टेबल, विजन संसद, ब्लू इकोनॉमी और क्लीन एनर्जी जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के साथ युवा प्रतिभागियों के लिए हैकाथान, स्टार्टअप शोकेस, यंग साइंटिस्ट्स कॉन्क्लेव जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एजीआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, जीन एडिटिंग, सेमीकंडक्टर्स, नई स्पेस टेक्नोलॉजी और उभरती दूरसंचार प्रणालियों पर आधारित विशेष सत्र भी उत्सव का बड़ा आकर्षण होंगे। साथ ही इंटरनेशनल ओलंपियाड स्टूडेंट्स मीट, नारी शक्ति सत्र, नेशनल मीडिया कॉन्क्लेव और एनएसओआईएम जैसे कार्यक्रम भी खास भूमिका निभाएंगे।