जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के शहरी इलाकों में अवैध रूप से बिना नक्शा पास करवाए बन चुके व्यवसायिक स्थल और रिहायशी क्षेत्र में अवैध तरीके से बनाए गए व्यवसायिक स्थलों के मामले में हरियाणा सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जागरूकता के अभाव और अन्य कारणों से बन चुके ऐसे स्थलों 

को तय राशि जमा करवाते हुए नियमित करने का एक अवसर प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। जल्द ही वित्त विभाग से मंजूरी मिलते ही इस नीति के तहत लम्बे अरसे से परेशान छोटे-बड़े दुकानदार, व्यवसायियों को फायदा पहुंचेगा।

आज यहां जानकारी देते हुए शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा जागरूकता की कमी के चलते बिना नक्शा तैयार करवाए अवैध व्यवसायिक स्थलों मसलन शापिंग काम्प्लेक्स, दुकान एवं अन्य संस्थान का निर्माण किया गया, इसमें कई स्थान पर बिल्डिंग कोड के तहत अतिरिक्त एफएआर का उपयोग करते हुए निर्माण कर लिए गए।

इसमें कई रिहायशी क्षेत्रों में व्यवसायिक स्थल बनाते हुए भी नीति का उल्लंघन किया गया। चूंकि विभागीय नीति के अनुसार यह अवैध था। इस संबंध में प्रदेश भर से एकत्रित एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुलाकात करते हुए अपनी परेशानी से अवगत कराया था और उनके भवनों को नियमित करने के कोई रास्ता निकालने की मांग की थी।

मंत्री कविता जैन ने कहा कि इस मांग पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को गंभीरता से विचार करने और एक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। कुछ समय पहले तैयार हुए इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजा गया था। लंबे समय से प्रदेश के शहरी इलाकों में इस तरह की समान परेशानी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पालिकाओं में ऐसे व्यवसायिक निर्माणों को नियमित करने तथा रिहायशी क्षेत्र में बन चुके व्यवसायिक निर्माणों को नियमित करने का एक मौका देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने बताया कि अब प्रस्ताव को नियमित किए जाने की दर तय करने के लिए बैठक हो चुकी है और जल्द ही वित्त विभाग से मंजूरी प्राप्त होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। वहीं इस नीति के क्रियान्वित होने से पालिकाओं, विशेषकर छोटे शहरों में हजारों लोगों विशेषकर छोटे व्यापारियों को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि पालिका क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से विकास करवाया जाए, इसलिए इस नीति में एक बार ही लाभ दिया जाएगा, ताकि छोटे दुकानदारों को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।

मंत्री कविता जैन ने कहा कि जल्द लोग अपने अवैध निर्माण को नियमित कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और सरकार द्वारा तय दर के आधार पर उनके भवनों को एक बार नियमित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

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