अंबाला/चंडीगढ़। हरियाणा में नई रेल लाइन बिछाने के लिए भले ही रेल मंत्रालय ने बजट जारी कर दिया हो, लेकिन इसके लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। पिछले लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रेल लाइनें बिछाने के लिए कागजी कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कहीं पर जमीन नहीं मिल पा रही तो कहीं नीति आयोग में मंजूरी के लिए फाइल पड़ी है। रेलवे का फोकस इस दौरान रेल लाइन दोहरीकरण व विद्युतीकरण पर है। यही कारण है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के आम बजट में रेल लाइनों की मंजूरी नहीं मिल पाई, जबकि दोहरीकरण के लिए कई फंड जारी किए गए हैं।

चंडीगढ़-नारायणगढ़ वाया सढौरा होते हुए यमुनानगर के 91 किलोमीटर रूट पर 901 करोड़ रुपये का खर्च आना है। पिछले चार दशकों से इसके लिए मांग चल रही है, लेकिन यह मामला नीति आयोग के पास मंजूरी के लिए पड़ा है। इसी प्रकार मेरठ से पानीपत 104 किमी 1100 करोड़ रुपये खर्च आना है। यह लाइन भी फाइलों से बाहर नहीं आ पा रही है। चंडीगढ़ से बद्दी 33.23 किमी के लिए 400 करोड़ रुपये खर्च होना है। दिसंबर 2020 तक जमीन अधिग्रहण का कार्य पूरा होने की संभावना है।

हरियाणा और हिमाचल प्रदेश दोनों जगह से जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। यह प्रोजेक्ट 2023 तक पूरा होने की संभावना है। इसी प्रकार रेवाड़ी-रोहतक 81.26 किमी के लिए 356.14.50 करोड़ रुपये, जींद से सोनीपत 88.9 किमी के लिए 712 करोड़ रुपये, रोहतक-महम-हांसी 68.8 किमी के लिए 344 करोड़ रुपये, दिल्ली-सोहाना-नूह-फिरोजपुर झिरका-अलवर 104 किमी के लिए 1249 करोड़ रुपये, हिसार-सिरसा वाया अग्रोहा-फतेहाबाद 93 किमी के लिए 410 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह लाइनें किसी न किसी कारणवश जमीन पर उतर रही हैं। पानीपत से रोहतक 71.4 किमी रेल लाइन प्रोजेक्ट को पिंक बुक में शामिल किया गया है, जिस पर 714 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।

दोहरीकरण के प्रोजेक्ट

पानीपत से रोहतक के लिए 71.4 किलोमीटर (किमी) के लिए रेलवे ने 714 करोड़ रुपये का फंड इसी बजट में जारी किया है। फिरोजपुर-बठिंडा और जाखल-हिसार 168.8 किमी के लिए 1688 करोड़ रुपये, अस्थलबोहर-रेवाड़ी 75.2 किमी के लिए 752 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। बठिंडा-भिलड़ी वाया सिरसा-हिसार-रतनगढ़-दीगाना-लूनी-संधारी-देगाना राय का बाग 752.2 किमी के लिए 7522 करोड़ रुपये, जबकि पलवल से न्यू पृथला की कनेक्टिविटी के लिए 3.5 किमी के 65.75 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

2024 तक सभी ट्रेनों को खींचेंगे इलेक्टिकल इंजन

रेल मंत्रालय रेलवे को घाटे से उबारने और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए सन 2024 तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा। विदेशों से आयत किए जाने वाले कच्चे तेल पर होने वाला खर्च जहां कम करने की तैयारी है, वहीं रेलवे विद्युतीकरण का काम ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाएगा। रेलवे में मौजूदा समय की बात करें तो करीब 6 हजार डीजल इंजन हैं, जबकि विद्युतीकरण वाले रेल इंजन 5500 हैं। एक डीजल इंजन एक किमी में 5 लीटर डीजल की खपत करता है।

आजादी से पहले 388 व अब 41488 किमी का विद्युतीकरण 

आजादी से पहले की बात करें सन 1925 से 1947 तक 388 किमी रेलवे विद्युतीकरण हुआ था। इसके बाद 1948 से 2013 तक यह आंकड़ा 21191 तक पहुंच गया था, जबकि लक्ष्य 20803 किमी विद्युतीकरण था। इसी तरह 2013-14 में 21801 किमी, 2014-15 में 22977 किमी, 2015-16 में 24479, 2016-17 में 26125 किमी, 2017-18 में 30212 किमी, 2018-19 में 35488 किमी, 2019-20 में 41488 किमी रेलवे विद्युतीकरण किया जा रहा है। जबकि 2020-21 में लक्ष्य रखा गया है।

इस तरह बजट में इन्हें भी किया गया शामिल

  • उत्तर रेलवे के स्टेशनों पर अतिरिक्त प्लेटफामोर्ं का निर्माण, दोहरी एकल लाइन, मध्यवर्ती ब्लाक सिग्नल -स्वचालित ब्लाक सिगनल, क्रॉसिंग स्टेशनों का निर्माण और प्लेटफार्म सूविधाओं के एकमुश्त प्रावधान हेतु 98 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • सड़क संरक्षा को बढ़ाने हेतु उत्तर रेलवे के समपारों (लेवल क्रॉसिंग) पर एकमुश्त इंजीनियरिंग कार्य हेतु 20 करोड़ रुपये स्वीकृत किए।
  • उत्तर रेलवे के अंतर्गत 450 करोड़ रुपये को ऊपरी/निचले पुलों के निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपये का कार्य वर्ष 2020-21 में किया जाना प्रस्तावित है।
  • उत्तर रेलवे के अंतर्गत एकमुश्त कार्यों के अधीन संपूर्ण प्राथमिक रेललाइन नवीकरण के लिए 255.99 करोड़ रुपये स्वीकृत है।
  • रेललाइन नवीकरण के अंतर्गत ही थ्रू टर्न आउट नवीकरण/स्विच विस्तार जोंडों/ग्लू लगे जोड़ो के नवीकरण के लिए 125.01 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। 
  • उत्तर रेलवे के निम्न घनत्व रेलवे नेटवर्क पर स्वदेशी रेलगाड़ी टक्कर परिहार प्रणाली के प्रावधान के लिए 468.9 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
  • यात्री सुविधाओं के लिए उत्तर रेलवे के स्टेशनों पर 200 लिफ्ट के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान
  • भारतीय रेलवे के उन स्टेशनों पर जहां प्रतिदिन 25 हज़ार से अधिक यात्रिओं का आवागमन रहता है , उन पर एस्केलेटर के प्रावधान के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत
  • उत्तर रेलवे के स्टेशनों पर दिव्यांजन हेतु दिव्यांग-मित्रवत न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं हेतु 150 करोड़ रुपये का प्रावधान

(नोट : आम बजट में उत्तर रेलवे को उक्त फंड जारी किया गया है। उत्तर रेलवे में अंबाला, दिल्ली, फिरोजपुर, मुरादाबाद और लखनऊ मंडल शामिल हैं। जिस मंडल में भी फंड की जरूरत होगी, उत्तर रेलवे नई दिल्ली से जारी किया जाएगा।)

रेल व मेट्रो के विस्तार को लेकर सरकार प्रतिबद्ध

हरियाणा में विभिन्न कारणों से लंबित रेल परियोजनाओं को सिरे चढ़वाने और नई प्रस्तावित परियोजनाओं को धरातल पर लाने के लिए प्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ रही। रेल एवं मेट्रो का तेजी से होता विस्तार प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह कहना है मुख्यमंत्री मनोहर लाल का।

वह बताते हैं कि देश का पहला ऊपरगामी रेलवे ट्रैक (एलिवेटिड) रोहतक में बनाया जा रहा है। 5566 करोड़ रुपये की लागत से कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे के किनारे रेल लाइन बिछाई जाएगी जिसमें 14 नए स्टेशन सहित कुल 17 स्टेशन होंगे। इससे राजधानी चंडीगढ़ सहित दूसरे राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जाने वाले लोगों को दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा और उनके समय की बचत होगी। रोहतक-महम-हांसी रेल लाइन का भी काम शुरू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मथुरा-पलवल के बीच 80 किलोमीटर लंबी चौथी लाइन, अंबाला-मोहड़ी शंभू बाईपास तथा रोहतक-भिवानी के बीच 48 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग के लिए 1074 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाएं मंजूर की जा चुकी हैं। फरुखनगर-चरखी दादरी वाया झज्जर तथा हिसार-नरवाना के बीच नई रेल लाइनों का सर्वेक्षण कार्य चल रहा है। कुंडली को दिल्ली मेट्रो से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार ने 100 करोड़ रुपये दिए हैं। (प्रस्तुतिः दीपक बहल/सुधीर तंवर)

यह भी पढ़ें: Navjot Singh Sidhu का सरकार में लौटने से इन्कार, पंजाब में हो सकते हैं AAP का चेहरा

यह भी पढ़ें: पंजाब में Aam Aadmi Party को संजीवनी देंगे प्रशांत किशोर, दिल्ली जीत के बाद पार्टी ने सौंपी जिम्मेदारी

 

Posted By: Kamlesh Bhatt

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस