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हरियाणा में मकानों की गिनती का काम पूरा, अब जनगणना की तैयारी; घर-घर जाएंगी टीमें

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:31 PM (GMT+05:30)

हरियाणा में जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती पूरी हो गई है। अब दूसरे चरण में 10 से ...और पढ़ें

मकानों की गिनती का काम पूरा, अब जनगणना की तैयारी।

मकानों की गिनती का काम पूरा, अब जनगणना की तैयारी।

HighLights

  1. हरियाणा में मकानों की गिनती का पहला चरण पूरा।

  2. 10 जनवरी से ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल शुरू होगा।

  3. 25 जनवरी से घर-घर जाकर होगी जनसंख्या गणना।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती और सूचीकरण का काम पूरा हो गया है। अब दूसरे चरण की तैयारी है, जिसमें परिवार के लोगों की गिनती की जाएगी।

आमजन 10 से 24 जनवरी तक स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना होगी।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा जनगणना की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुमिता मिश्रा ने सोमवार को प्रधान जनगणना अधिकारियों के सम्मेलन में यह जानकारी साझा की।

एक से पांच मार्च तक पांच दिवसीय पुनरीक्षण अभियान प्रस्तावित है, जिसमें छूटे हुए व्यक्तियों की पहचान, विसंगतियों का सुधार और व्यापक कवरेज सुनिश्चित की जाएगी। जनगणना की संदर्भ तिथि एवं समय एक मार्च 2027 को रात्रि 12 बजे निर्धारित किया गया है।

51 हजार 907 मकान सूचीकरण ब्लॉक को कवर करने के बाद अब दूसरे चरण में 6522 गांवों और 88 कस्बों में 70 हजार गणना ब्लॉकों को कवर किया जाएगा। जनगणना के लिए 87 हजार 687 कर्मचारी फील्ड में उतरेंगे, जिनमें 74 हजार 800 प्रगणक, 12 हजार 650 पर्यवेक्षक, 34 प्रधान जनगणना अधिकारी और 203 जनगणना चार्ज अधिकारी शामिल हैं। सम्मेलन में जनगणना से पहले संचालन संबंधी तैयारियों, डिजिटल माध्यम से आंकड़े एकत्र करने, कार्मिकों की तैनाती, क्षेत्रीय निगरानी तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा की गई।

वित्तायुक्त राजस्व ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें। चार्ज अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठक करें और जनगणना शुरू होने से पहले संभावित संचालन संबंधी कठिनाइयों की पहचान कर उनका समाधान सुनिश्चित करें।

प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को दोनों चरणों के लिए कुल 25 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसमें मकान सूचीकरण कार्य के लिए नौ हजार रुपये और जनसंख्या गणना के लिए 16 हजार रुपये शामिल हैं।

जनगणना संचालन निदेशक डॉ. ललित जैन ने बताया कि प्रगणक स्मार्टफोन पर विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जनसंख्या संबंधी जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) के माध्यम से क्षेत्रीय कार्यों, प्रशासनिक प्रगति और जनगणना से जुड़े कार्मिकों के बीच समन्वय की निगरानी की जाएगी।