जेएनएन, चंडीगढ़। पंचकूला प‍ुलिस जिस हनीप्रीत को देश-विदेश में ढ़ूंढ रही थी और वह मिली एकदम पड़ोस में। वह पंचकूला से म‍हज दो से तीन किलाेमीटर की दूरी पर पकड़ी गई। पुलिस उसे राजस्‍थान, मुंबई अौर यहां तक कि नेपाल में भी तलाशती रही। लेकिन, गिरफ्तारी से पहले हनीप्रीत ने निजी चैनलाें से कथित रूप बातचीत में अपना पक्ष रख दिया। उसने खुद और गुरमीत राम रहीम काे निर्दोष बताया।

हनीप्रीत मंगलवार को टीवी चैनलों पर कथित रूप से अचानक नजर आई। उसने कुछ निजी चैनलाें से कथित रूप से बातचीत में अपना पक्ष रखा। इसके बाद पंचकूला पुलिस हरकत में आ गई और हनीप्रीत की तलाश में जुट गई। टीवी चैनलों पर यह बातचीत दिखाए जाने के कुछ घंटे बाद ही हनीप्रीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह भी खुलासा हुआ कि हनीप्रीत सोमवार रात चंडीगढ़ आई थी अौर इसके बाद वह जीरकपुर गई थी। ऐसे में पुलिस की हनीप्रीत को लेकर अलर्ट पर भी सवाल उठ रहे हैं।

गिरफ्तारी से पहले रखा अपना 'पक्ष', बताया खुद अौर गुरमीत राम रहीम को निर्दोष

टीवी चैनलो पर कथित बातचीत में हनीप्रीत ने कई ऐसे खुलासे गए, जिनके राज्य पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। बेहद डरी दिख रही हनीप्रीत आपबीती बताते हुए भावुक भी दिखी। वह बार-बार गुरमीत राम रहीम को अपना पिता बता रही थी और उसके साथ अपने गलत संबंधों को सिरे से खारिज कर रही थी। हनीप्रीत ने एक के बाद एक तमाम उन आरोपों को सिरे से नकारा, जिन्हें लेकर चर्चाएं की जाती रही हैं।

हनीप्रीत ने कहा, मैं और मेरे पिता (राम रहीम) पूरी तरह से निर्दोष हैं। हमारा बाप-बेटी का पवित्र रिश्ता है। उसने कहा कि हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और एक दिन पूरी तरह से निर्दोष साबित होकर निकलेंगे। हनीप्रीत का कहना था कि मैं बाप-बेटी के रिश्ते को दागदार रूप से पेश करने से बेहद आहत हूं। आरोपों के कारण डिप्रेशन में चली गई थी। मुझे संभलने में समय लगा है।

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देशद्राेह के केस के बारे में उसने कहा, मैंने आज तक कोई कीड़ी भी नहीं मारी और देशद्रोह का मुकदमा जानकर मेरे होश उड़ गए। मैं अपना संतुलन खो बैठी और जिसने जैसी सलाह दी, मैं वैसी मानती चली गई।

कहा, पुलिस की निगरानी में ही कोर्ट में गई थी फिर बवाल कैसा

हनीप्रीत ने इस कथित बातचीत में कहा कि वह कोर्ट में पुलिस व कोर्ट की अनुमति से ही पेशी के दिन गई थी। यदि अनुमति नहीं होती तो कैसे जाती। इसकी सारी रिकार्डिंग है। उसकी पूरी गतिविधि देखी जाए। भला वह किसी को दंगों का इशारा क्यों करेगी। क्या एक लड़की ऐसा कभी कर सकती है। हमें यकीन था कि हम लोग निर्दोष हैं। सुबह को जाकर शाम को वापस घर लौटने की तैयारी के साथ कोर्ट में गए थे। लेकिन वहां सजा का सुनकर हमारे पैरों तले की जमीन खिसक गई।

विश्वास गुप्ता के बारे में बात नहीं करना चाहती

बाप -बेटी के रिश्तों को उछालने वाले अपने पूर्व पति विश्वास गुप्ता के बारे में उसने कोई भी जवाब देने से इन्‍कार किया। हनीप्रीत का कहना था कि वह विश्वास गुप्ता के बारे में कोई बात नहीं करना चाहती।

क्या नरकंकाल निकले, कहां हैं दोनों लड़कियां

हनीप्रीत ने डेरे में नर कंकाल से जुड़े सवाल पर कहा कि वहां क्या कोई नर कंकाल मिला है। जिन दो लड़कियों ने दुष्कर्म के आरोप लगाए, क्या वे कभी सामने आई। पुलिस व कोर्ट ने उनकी चिट्ठी को आधार बनाया है। क्या कभी ऐसा होता है कि किसी चिट्ठी के आधार पर इतनी बड़ी सजा दे दी जाए।

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Posted By: Sunil Kumar Jha