जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं को अब फिर से सरकारी नौकरियों में कोटा मिलेगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सामान्य वर्ग के आर्थिक आधार पर पिछड़े लोगों के आरक्षण से रोक हटा ली है। इसके साथ ही सरकारी सेवा में चयन के बावजूद नियुक्ति का इंतजार कर रहे 1370 कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।

1370 चयनित कर्मचारियों की नियुक्ति का रास्ता साफ, सामान्य वर्ग के गरीबों को दी बड़ी राहत

दरअसल, प्रदेश की पूर्व हुड्डा सरकार ने वर्ष 2013 में नोटिफिकेशन जारी कर दो लाख 40 हजार से कम सालाना पारिवारिक आय वाले युवाओं को आर्थिक रूप से पिछड़ा घोषित करते हुए दस फीसद आरक्षण दिया था। बाद में इस व्यवस्था को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी गई। याचिका में दलील दी गई कि आरक्षण के लिए सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़ा होना भी जरूरी है। इसके बाद दोनों पक्षों की जिरह के बाद सितंबर 2016 में हाईकोर्ट ने नौकरियों में आर्थिक आधार पर आरक्षण देने पर रोक लगा दी थी।

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हाईकोर्ट के आदेश के चलते विभिन्न महकमों के लिए चयनित 1370 युवाओं की नियुक्ति भी अटक गई। आर्थिक आधार पर नियुक्तियों से रोक हटवाने के लिए प्रदेश सरकार ने अदालत में मजबूती से पक्ष रखा। शुक्रवार को अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण से रोक हटा ली।

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हाईकोर्ट के फैसले के बाद ब्राह्मण समाज के नेता हरीराम दीक्षित की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का आभार जताया। शिक्षा मंत्री से मुलाकात में प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार की मजबूत पैरवी के चलते ही युवाओं को न्याय मिला है। इस दौरान विधायक एवं हैफेड के चेयरमैन हरविंद्र कल्याण, एडवोकेट गोविंद शर्मा, कुलदीप शर्मा उपस्थित थे।

Posted By: Sunil Kumar Jha

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