रक्तदान में हरियाणवी सबसे आगे, लगातार तीसरी बार देश में बना अव्वल; दिल्ली में मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
हरियाणा लगातार तीसरे साल प्रति दस लाख आबादी पर रक्तदान में देश में पहले स्थान पर रहा है, जिसके लिए उसे 1 अक्टूबर को सम्मानित किया जाएगा।
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रक्तदान में हरियाणवी सबसे आगे। सांकेतिक फोटो
HighLights
हरियाणा लगातार तीसरे साल रक्तदान में देश में प्रथम।
प्रदेश में रक्त केंद्रों की संख्या बढ़कर 163 हुई।
स्वैच्छिक रक्तदान दर 79% से बढ़कर 92% हुई।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। रक्तदान में हरियाणवी सबसे आगे हैं। प्रति दस लाख आबादी पर रक्तदान के मामले में हरियाणा लगातार तीसरे साल देश में प्रथम स्थान पर आया है। केंद्र सरकार की ओर से हरियाणा को आगामी एक अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल काालेज में आयोजित राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
ई-रक्तकोष पोर्टल पर दर्ज सत्यापित वार्षिक रक्तदान आंकड़ों के आधार पर मिली उपलब्धि प्रदेश की बड़े पैमाने पर जनभागीदारी के साथ-साथ मजबूत रक्त आधान बुनियादी ढांचे, डिजिटल एकीकरण, बेहतर चिकित्सकीय सुरक्षा और मरीजों को मुफ्त जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराने की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।
वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 5.89 लाख यूनिट रक्त एकत्र किया गया और 8,189 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इससे पहले प्रदेश को वर्ष 2024 और 2025 में भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ था।
ब्लड सेंटरों की संख्या 146 से बढ़कर 163
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने बताया कि चरखी दादरी जिला नागरिक अस्पताल में ब्लड सेंटर को लाइसेंस मिलने के साथ अब प्रदेश के 22 जिलों में कम से कम एक कार्यशील लाइसेंस प्राप्त सरकारी ब्लड सेंटर उपलब्ध हो गया है।
ब्लड सेंटरों की संख्या 146 से बढ़कर 163 हो गई है। वर्तमान में यहां 34 सरकारी और 129 निजी ब्लड सेंटर हैं, जबकि 150 ब्लड सेंटर (92 प्रतिशत) ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा से लैस हैं। इससे मरीजों के लिए विशेष रक्त अवयवों की उपलब्धता मजबूत हुई है।
राज्य में स्वैच्छिक रक्तदान की दर 79 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है। यह उपलब्धि ब्लड सेंटरों के साथ सीधे आनलाइन समीक्षा और संचालन संबंधी समस्याओं के समन्वित समाधान के बाद हासिल हुई है। इस प्रगति से हरियाणा 95 प्रतिशत के राष्ट्रीय मानक के और करीब पहुंच गया है।
यह जीवनरक्षक अभियान में बढ़ती जनभागीदारी और यह सुनिश्चित करने के राज्य के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है कि स्वैच्छिक, बिना पारिश्रमिक वाले रक्तदान पर अधिक निर्भरता हो।
89 ब्लड सेंटर आभा सिस्टम से एकीकृत
हरियाणा ने अपनी रक्त आधान सेवाओं को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ एकीकृत करने में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। नए आभा-आधारित डोनर रजिस्ट्रेशन फीचर की शुरुआत के बाद दो महीने के भीतर 89 ब्लड सेंटर आभा सिस्टम से एकीकृत हो गए हैं।
यह सुविधा राष्ट्रीय ई-रक्तकोष पोर्टल पर शुरू की गई है। इस समय 134 ब्लड सेंटर ई-रक्तकोष प्लेटफार्म पर लाइव जानकारी सक्रिय रूप से अपडेट कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता मजबूत हो रही है, रियल-टाइम निगरानी में सुधार हो रहा है और रक्त की उपलब्धता तथा सेवाओं के प्रदर्शन की बेहतर जानकारी मिल रही है।
रक्त की कम बर्बादी
हरियाणा ने महत्वपूर्ण चिकित्सकीय सुरक्षा संकेतकों पर भी बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। कुल 1305 हाई-रिस्क रिएक्टिव डोनर्स में से 1255 यानी 96.17 प्रतिशत को सफलतापूर्वक ट्रैक किया गया और उपयुक्त स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जोड़ा गया, जो 85 प्रतिशत के मानक से अधिक है। रक्त की बर्बादी भी नियंत्रण में रही है। डिस्कार्ड दर 2.69 प्रतिशत दर्ज की गई, जो चार प्रतिशत के मानक से कम है।
सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को रक्त और रक्त अवयव मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकारी संस्थानों में पात्र बीपीएल और डेंगू मरीजों को फ्री सिंगल डोनर प्लेटलेट्स भी उपलब्ध कराए जाते हैं। थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और सिकल सेल एनीमिया जैसे विकारों से पीड़ित उन मरीजों को भी सहायता प्रदान करता है, जिन्हें बार-बार और आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है।
वर्तमान में जिला नागरिक अस्पतालों में 1443 थैलेसीमिया मरीज और 1018 हीमोफीलिया मरीज पंजीकृत हैं। इन्हें मुफ्त आयरन केलेशन दवाएं और एंटी-हीमोफीलिया फैक्टर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
एक दिन में 10 हजार 183 लोगों ने किया रक्तदान
बड़े पैमाने पर जनसक्रियता ने हरियाणा की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले साल पांच मई को प्रदेशभर में आयोजित रक्तदान अभियान के दौरान एक ही दिन में 10 हजार 183 नागरिकों ने रक्तदान किया। आसपरेशन सिंदूर के दौरान युवाओं ने 51 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 2374 यूनिट रक्त एकत्र किया।
