बिना टैक्स बढ़ाए बढ़ेगी हरियाणा की कमाई, करदाताओं पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ; CM नायब सैनी ने जारी किया रोडमैप
हरियाणा सरकार ने करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना वित्तीय क्षमता बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है, जिसका लक्ष्य 2030 ...और पढ़ें
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करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना वित्तीय क्षमता बढ़ाने का रोडमैप तैयार।
HighLights
करदाताओं पर बोझ डाले बिना वित्तीय क्षमता बढ़ाने का रोडमैप
2030 तक कर राजस्व को सकल घरेलू उत्पाद का 10% करना
कर आधार विस्तार, बेहतर अनुपालन से राजस्व वृद्धि का लक्ष्य
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना वित्तीय क्षमता बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया गया है। वर्ष 2030 तक करों में बढ़ोतरी किए बगैर कर राजस्व को कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 10 प्रतिशत और 2047 तक 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को ‘हरियाणा की अपनी कर-राजस्व व्यवस्था’ के विश्लेषण व मजबूती के लिए आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य करों को बढ़ाकर नहीं, बल्कि कर आधार का विस्तार, बेहतर अनुपालन, राजस्व हानि पर रोक और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से हासिल किया जाएगा।
स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फार फिस्कल मैनेजमेंट (एसजेएचआइएफएम) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी अनंत नागेश्वरन, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण गुप्ता, आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, एसजेएचआइएफएम के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने कर राजस्व बढ़ाने को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत राजस्व व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य केवल अधिक राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि उससे बेहतर सड़कें, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध करवाकर आमजन के जीवन में सुधार लाना है। करदाता को नियमों और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी मिले तथा कर अनुपालन सरल और पारदर्शी हो, यह सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से अगस्त तक हरियाणा का राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर 24 हजार 662 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संग्रह 19 हजार 174 करोड़ रुपये था।
अगस्त में भी हरियाणा के एसजीएसटी संग्रह में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 13 प्रतिशत रही। देश के कुल जीएसटी करदाताओं में हरियाणा की हिस्सेदारी चार प्रतिशत से कम है, लेकिन देश के कुल जीएसटी संग्रह में राज्य का योगदान लगभग 7.7 प्रतिशत है।
आर्थिक विकास के साथ बढ़ेगा राजस्व आधार
गुरुग्राम में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत सेवाओं का विस्तार हो रहा है। गन्नौर में इंडिया इंटरनेशनल हाार्टिकल्चर मार्केट, आईएमटी खरखौदा में वाहन निर्माण निवेश तथा रेवाड़ी, हिसार और अन्य क्षेत्रों में औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स परियोजनाएं राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दे रही हैं।
पानीपत का टेक्सटाइल उद्योग, अंबाला का वैज्ञानिक उपकरण उद्योग, हिसार का स्टील उद्योग, यमुनानगर का प्लाईवुड उद्योग तथा रोहतक का नट-बोल्ट और ऑटो-कंपोनेंट उद्योग जैसे पारंपरिक एमएसएमई क्लस्टर भी राज्य की आर्थिक शक्ति का महत्वपूर्ण आधार हैं।
एक लाख 15 हजार व्यापारियों ने उठाया वन टाइम सेटलमेंट योजना का लाभ
पुराने लंबित कर विवादों के समाधान के लिए पिछले साल शुरू की गई ‘हरियाणा एकबारगी व्यवस्थापन स्कीम का लाभ एक लाख 15 हजार व्यापारियों ने उठाया। व्यापारियों की सुविधा के लिए इस वर्ष की योजना की अवधि बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है।
