कर्मयोगी रैंकिंग में हरियाणा ने मारी बाजी, श्रेणी-बी में हासिल किया पहला स्थान; पंजाब-गुजरात को भी छोड़ा पीछे
हरियाणा ने राष्ट्रीय एकीकृत सरकारी आनलाइन प्रशिक्षण (आइजीओटी) कर्मयोगी मंच पर श्रेणी-बी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जिसमें उसने 60.72 अंक हासिल किए।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फाइल फोटो
HighLights
हरियाणा ने आइजीओटी कर्मयोगी मंच पर श्रेणी-बी में प्रथम स्थान पाया।
राज्य ने सरकारी कर्मचारियों के क्षमता निर्माण में 60.72 अंक प्राप्त किए।
यह रैंकिंग निरंतर सीखने और प्रशिक्षण गतिविधियों पर आधारित है।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा ने राष्ट्रीय एकीकृत सरकारी आनलाइन प्रशिक्षण (आइजीओटी) कर्मयोगी मंच पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग में श्रेणी-बी में प्रथम स्थान हासिल किया है। हरियाणा ने 60.72 अंक प्राप्त किए हैं।
यह रैंकिंग सरकारी कर्मचारियों के क्षमता निर्माण तथा निरंतर सीखने की गतिविधियों के आकलन पर आधारित है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत कर्मयोगी भारत द्वारा जारी सूचना के अनुसार 31 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के आधार पर तैयार रैंकिंग में हरियाणा ने श्रेणी-बी में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में एक लाख से पांच लाख तक सरकारी कर्मचारियों वाले राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।
प्रगति का आकलन करते हुए निरंतर सुधार
हरियाणा के बाद कर्नाटक ने 60.47, तेलंगाना ने 60.39, गुजरात ने 60.18 तथा पंजाब ने 60.06 अंक प्राप्त किए हैं। यह रैंकिंग सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के भूमिका-आधारित प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और निरंतर सीखने में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सहभागिता को मापने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
केंद्र सरकार द्वारा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को समय-समय पर यह रैंकिंग दी जाएगी, ताकि वे अपनी प्रगति का आकलन करते हुए निरंतर सुधार कर सकें।
अधिकारियों के लिए 40 प्रतिशत भारांक निर्धारित
समग्र रैंकिंग तीन प्रमुख प्रदर्शन मानकों पर आधारित है, जिनके लिए कुल 100 अंक निर्धारित हैं। राज्यों के विभागों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार करने के लिए 30 प्रतिशत, भूमिका-आधारित ज्ञान के निर्माण के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाने के लिए 30 प्रतिशत, जबकि पंजीकृत अधिकारियों में से पिछले महीने कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों के लिए 40 प्रतिशत भारांक निर्धारित किए गए हैं।
प्रत्येक माह कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण
जिन राज्यों के कम से कम 25 प्रतिशत विभागों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की गई हैं, वे पहले मानक के तहत पूरे 30 अंक प्राप्त कर सकते हैं।
इसी प्रकार, 10 या अधिक लाइव पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाने वाले राज्य दूसरे मानक के तहत पूरे 30 अंक प्राप्त कर सकते हैं।
कर्मचारियों को प्रत्येक माह कम से कम एक घंटे का प्रशिक्षण पूरा करने के साथ ही 'पब्लिक सर्विस में साइबर सुरक्षा की बुनियाद' लर्निंग पाथवे पूरा कर 'साइबर सुरक्षा निपुण' बैज अर्जित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
