हरियाणा पर्यटन निगम के दो वाहनों की लॉगबुक गायब, राज्य सूचना आयोग ने दिए जांच के आदेश
हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने हरियाणा पर्यटन निगम के दो सरकारी वाहनों की लॉगबुक गायब होने के मामले में गंभीर रुख अपनाया है।

हरियाणा राज्य सूचना आयोग (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा पर्यटन निगम के दो सरकारी वाहनों की लॉगबुक का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के मामले में हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है।
आयोग ने निगम के प्रबंध निदेशक को मामले की तथ्यात्मक जांच कराने की सिफारिश की है। साथ ही संबंधित जन सूचना अधिकारी को 15 दिन के भीतर शपथपत्र देकर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि दोनों वाहनों की मांगी गई अवधि की लॉगबुक उपलब्ध क्यों नहीं है और रिकॉर्ड के साथ आखिर हुआ क्या है।
आयोग ने यह भी कहा है कि यदि जांच में किसी अधिकारी की लापरवाही, कर्तव्य में चूक या सरकारी रिकॉर्ड को जानबूझकर नष्ट करने की बात सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
हरियाणा पर्यटन निगम ने मांगी थी सूचना
यह मामला अपीलकर्ता मुख्तियार सिंह की आरटीआइ याचिका से जुड़ा है। उन्होंने सात नवंबर 2024 को हरियाणा पर्यटन निगम से सूचना मांगी थी। जन सूचना अधिकारी की ओर से 26 और 27 दिसंबर 2024 को जवाब दिया गया, लेकिन अपीलकर्ता इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने पहली अपील भी दायर की।
मामला आगे राज्य सूचना आयोग पहुंचा और 17 सितंबर 2026 को राज्य सूचना आयुक्त डा अजय कुमार सुरा के समक्ष सुनवाई हुई।
अपीलकर्ता ने विशेष रूप से दो वाहनों की लॉगबुक की जानकारी मांगी थी। इनमें वाहन संख्या एचआर70जीवी2401 और एचआर70जीवी7387 शामिल हैं। मांगी गई अवधि एक जनवरी 2022 से 31 अक्टूबर 2024 तक की थी।
उनका कहना था कि उन्हें दी गई जानकारी पूरी अवधि को कवर नहीं करती। पहले वाहन की लॉगबुक 22 जून 2023 से उपलब्ध कराई गई, जबकि दूसरे वाहन की जानकारी 22 मई 2022 के बाद की अवधि तक ही दी गई थी।
रिकॉर्ड के आधार पर अपीलकर्ता को दी जा चुकी सूचना
सुनवाई के दौरान हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से पेश अमरीक सिंह ने आयोग को बताया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सूचना 30 मार्च 2026 को अपीलकर्ता को दी जा चुकी है।
हालांकि, दोनों वाहनों की शेष अवधि की लॉगबुक कार्यालय के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है और उसे तलाशने के बावजूद नहीं पाया जा सका। उन्होंने संभावना जताई कि रिकॉर्ड निर्धारित अवधि के बाद नष्ट कर दिया गया हो या कबाड़ घोषित किए गए वाहनों के साथ नष्ट हुआ हो।
राज्य सूचना आयोग ने कहा कि सरकारी वाहनों से जुड़े रिकॉर्ड के उपलब्ध नहीं होने की स्थिति का तथ्यात्मक आधार जांच के योग्य है। आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 25(5) के तहत हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक को उचित अधिकारी या एजेंसी के माध्यम से जांच कराने की सिफारिश की है।
लॉगबुक तैयार की भी गई थी या नहीं
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित लॉगबुक वास्तव में तैयार की गई थीं या नहीं, बाद में उन्हें नष्ट या अनुपयोगी घोषित किया गया था या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं।
यह भी जांचा जाएगा कि रिकॉर्ड किसी अन्य कार्यालय या अधिकारी के पास तो उपलब्ध नहीं है। यदि रिकॉर्ड नष्ट करने में किसी अधिकारी की भूमिका या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकेगी।
