हरियाणा में सरकारी निर्माण की तस्वीर बदलेगी, सड़कों से लेकर भवनों की मजबूती जांचने के लिए बनेगा सिस्टम
हरियाणा सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और टिकाऊपन बढ़ाने के लिए अपनी गुणवत्ता आश्वासन व्यवस्था को आधुनिक बना रहा है।

हरियाणा में सड़कों-पुलों की गुणवत्ता जांच होगी और मजबूत, क्यूसीआइ के साथ बढ़ेगा सहयोग।
HighLights
सार्वजनिक निर्माण में आधुनिक गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों को बढ़ावा
सड़कों, पुलों की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को मजबूत करना
गुणवत्ता निगरानी में नई तकनीकों का अधिक इस्तेमाल होगा
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता आश्वासन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की तैयारी है। हरियाणा क्वालिटी एश्योरेंस अथारिटी (क्यूएए) के चेयरमैन समीर पाल सरो ने नई दिल्ली स्थित क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया (क्यूसीआइ) मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने और नई तकनीकों के इस्तेमाल पर विस्तार से चर्चा की।
यह बैठक इस वर्ष क्यूएए और क्यूसीआइ के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के बाद संस्थागत सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक में विशेष रूप से सड़कों, भवनों, पुलों और अन्य सार्वजनिक उपयोग की संरचनाओं में गुणवत्ता जांच की मौजूदा व्यवस्था को मजबूत करने तथा आधुनिक गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों को लागू करने पर विचार हुआ।
बैठक में गुणवत्ता निगरानी के लिए नई तकनीकों के उपयोग, अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों के क्षमता निर्माण तथा विशेषज्ञता के आदान-प्रदान पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य केवल निर्माण के दौरान गुणवत्ता जांच तक सीमित न रहकर परियोजनाओं की कार्यक्षमता और लंबे समय तक रखरखाव को बेहतर बनाना है।
बैठक में क्यूएए और क्यूसीआइ के बीच रणनीतिक सहयोग के माध्यम से प्रदेश में गुणवत्ता के प्रति संस्थागत संस्कृति विकसित करने और विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी गुणवत्ता मानक लागू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। समीर पाल सरो ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत गुणवत्ता आश्वासन तंत्र का समन्वय जरूरी है। बैठक में क्यूसीआइ के महासचिव टी कन्नन, क्यूएए के हेड टेक्निकल विपिन शर्मा सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में इन मुद्दों पर बनी सहमति
- सार्वजनिक निर्माण में आधुनिक गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों को बढ़ावा।
- सड़कों, पुलों और भवनों की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को मजबूत करना।
- गुणवत्ता निगरानी में नई तकनीकों का अधिक इस्तेमाल।
- तकनीकी अधिकारियों व कर्मचारियों का क्षमता निर्माण।
- क्यूएए-क्यूसीआइ के बीच विशेषज्ञता और अनुभव का आदान-प्रदान।
- परियोजनाओं की दीर्घकालिक कार्यक्षमता और रखरखाव पर विशेष ध्यान।
