हरियाणा बनेगा ग्लोबल ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग हब, रूस की कंपनियों के साथ दो बड़ी तकनीकी परियोजनाओं पर बनी सहमति
हरियाणा सरकार और रूसी कंपनियों के बीच ड्रोन निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इससे हरियाणा वैश्विक ड्रोन विनिर्माण केंद्र बनेगा और 800 युवाओं को रोजगार मिलेगा।
HighLights
हरियाणा वैश्विक ड्रोन विनिर्माण केंद्र बनने की ओर अग्रसर
रूसी कंपनियों संग दो प्रमुख तकनीकी परियोजनाओं पर सहमति
800 युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित
डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। हरियाणा को वैश्विक स्तर पर ड्रोन निर्माण का प्रमुख केंद्र ग्लोबल ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है।
प्रदेश सरकार और रूस की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा, कृषि और व्यावसायिक उपयोग के लिए अत्याधुनिक ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, विदेशी निवेश, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और भारत-रूस औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई है।
दो बड़ी तकनीकी परियोजनाओं पर सहयोग प्रस्तावित
इस बैठक के दौरान हरियाणा में दो प्रमुख तकनीकी परियोजनाओं को लेकर परस्पर सहयोग पर सहमति बनी है। परियोजना के तहत भारी पेलोड उठाने और लंबी दूरी के संचालन के लिए अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर ड्रोन का निर्माण किया जाएगा। वहीं, जीपीएस-मुक्त (GPS-denied) वातावरण में भी सटीक और सुरक्षित काम करने में सक्षम उन्नत ड्रोन तकनीक
गौरतलब है कि है कि 9 सितंबर 2025 को सिसाय में 'ड्रोन सिटी' की आधारशिला रखी गई थी। वर्तमान में यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूरी तरह से संचालन में है और वैश्विक ड्रोन कंपनियों के साथ साझेदारी व उत्पादन के लिए तैयार है।
800 युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
इस पहल से न केवल प्रदेश में अत्याधुनिक और हाई-टेक उद्योगों का विस्तार होगा, बल्कि लगभग 800 युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी संभावना है। स
