हरियाणा में सिनियोरिटी के बावजूद महिला शिक्षक को देरी से मिला प्रमोशन, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
हरियाणा में वरिष्ठता के बावजूद देर से पदोन्नति मिलने पर एक महिला शिक्षक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ...और पढ़ें

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट फाइल फोटो
HighLights
महिला शिक्षक सुचेता दून को देर से मिली पदोन्नति
कनिष्ठ शिक्षकों को पहले ही पदोन्नत किया गया था
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से 5 नवंबर तक जवाब मांगा
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में वरिष्ठता सूची में आगे होने के बावजूद समय पर पदोन्नति नहीं मिलने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है।
याचिकाकर्ता सुचेता दून का आरोप है कि उनसे कनिष्ठ टीजीटी विज्ञान शिक्षकों को 17 मार्च 2022 को पीजीटी पद पर पदोन्नत किया गया, जबकि उन्हें वरिष्ठता का लाभ मिलने के बाद भी उसी तारीख से पदोन्नति नहीं दी गई। हाईकोर्ट ने सरकार को पांच नवंबर तक जवाब दायर करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता सुचेता दून ने 28 जून 2015 को जारी विज्ञापन संख्या 3/2015 के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ी सामान्य श्रेणी में चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।
14 जनवरी 2020 को अंतिम परिणाम घोषित हुआ
विशेष पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों को लेकर विवाद के बाद ये पद सामान्य श्रेणी में परिवर्तित कर दिए गए। प्रक्रिया के तहत 13 अक्टूबर 2018 को अंतरिम और 14 जनवरी 2020 को अंतिम परिणाम घोषित हुआ। सुचेता सफल घोषित हुईं और उन्हें 28 मई 2020 को नियुक्ति पत्र जारी किया गया।
याचिका के अनुसार, 14 सितंबर 2021 को जारी वरिष्ठता सूची में उन्हें कम मेरिट वाले कुछ टीजीटी विज्ञान शिक्षकों से नीचे रखा गया। उन्होंने इसे ठीक करने के लिए विभाग में अभ्यावेदन दिया, लेकिन 17 मार्च 2022 को उनसे कनिष्ठ कई शिक्षकों को पीजीटी पद पर पदोन्नत कर दिया गया।
सुचेता ने पहले भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत ने 22 सितंबर 2022 को मामला निपटाते हुए सरकार को उनके अभ्यावेदन पर तय समय में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। इसके बाद 20 फरवरी 2023 को विभाग ने अंतर-वरिष्ठता तय कर उन्हें उन कुछ शिक्षकों से ऊपर रखा, जिन्हें पहले ही पदोन्नति मिल चुकी थी।
2022 में पदोन्नति देने पर नहीं हुआ फैसला
हालांकि, 17 मार्च 2022 से पदोन्नति देने पर निर्णय नहीं हुआ। हाईकोर्ट ने सात अगस्त 2025 को फिर अधिकारियों को मामले में निर्णय लेने का निर्देश दिया।
याचिका के मुताबिक, सरकार ने सात अगस्त 2026 को सुचेता को पीजीटी पद पर पदोन्नत किया, लेकिन इसका प्रभाव 17 मार्च 2022 के बजाय सात अगस्त 2026 से दिया। वह इस निर्णय को चुनौती देते हुए कनिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति की तारीख से लाभ मांग रही हैं।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की तरफ से निर्देश लेने और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
