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दिल्ली-एनसीआर के ₹428 करोड़ के बाजार पर नजर, PDP मॉडल के आधार पर पर्यटन स्थलों की तस्वीर बदलेगा हरियाणा

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:20 AM (IST)

हरियाणा सरकार दिल्ली-एनसीआर के विशाल घरेलू पर्यटन बाजार को लक्षित कर रही है, जिसके लिए चुनिंदा पर्यटन स्थलों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।

PDP मॉडल के आधार पर पर्यटन स्थलों की तस्वीर बदलेगा हरियाणा (फाइल फोटो)

PDP मॉडल के आधार पर पर्यटन स्थलों की तस्वीर बदलेगा हरियाणा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दिल्ली-एनसीआर के 428 करोड़ घरेलू पर्यटन बाजार पर हरियाणा की नजर

  2. चुनिंदा पर्यटन स्थल पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाएंगे निजी निवेश से

  3. ग्रीन और ग्रामीण पर्यटन पर विशेष ध्यान, 'ग्रीन भी-ग्रोथ भी' मॉडल

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। दिल्ली-एनसीआर के 428 करोड़ घरेलू पर्यटन बाजार पर हरियाणा की नजर टिकी हुई है। हरियाणा सरकार प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के लिए चुनिंदा पर्यटन स्थलों और परिसरों को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित करेगी। 

निजी निवेश, तकनीक और विशेषज्ञता के जरिए इन स्थलों पर बेहतर आवास, खान-पान, मनरंजन, आयोजन और साहसिक गतिविधियों जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार की प्राथमिकता पर्यटन विकास के साथ प्रदेश की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना है।

पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने नई दिल्ली में आयोजित एसोचैम स्वरा राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में हरियाणा के पर्यटन विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर्यटन को निवेश, रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और विरासत संरक्षण से जोड़कर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने होटल समूहों, टूर आपरेटरों, स्टार्टअप, तकनीकी कंपनियों और स्थानीय उद्यमियों से पर्यटन क्षेत्र में निवेश और भागीदारी का आह्वान किया।

मोरनी से गांवों तक ग्रीन और ग्रामीण टूरिज्म का विस्तार

हरियाणा ग्रीन टूरिज्म पर विशेष फोकस करेगा। मोरनी, टिक्करताल, हथनीकुंड बैराज और तिलयार झील जैसे प्राकृतिक स्थलों में पर्यावरण आधारित और साहसिक पर्यटन की संभावनाएं विकसित की जाएंगी।

सरकार का लक्ष्य ऐसा माडल तैयार करना है जिसमें पर्यटकों और सुविधाओं की संख्या बढ़े, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय पहचान पर प्रतिकूल असर न पड़े।

प्रदेश में 38 पंजीकृत फार्म टूरिज्म स्थल और 11 होम-स्टे

पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने जानकारी दी कि ग्रामीण पर्यटन को भी पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है। सितंबर 2026 तक प्रदेश में 38 पंजीकृत फार्म टूरिज्म स्थल और 11 होम-स्टे हैं।

इनके माध्यम से पर्यटकों को खेती, ग्रामीण जीवन, हरियाणवी खान-पान और लोक संस्कृति से जोड़ने के साथ किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए अतिरिक्त आय व रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं।

हरियाणा का पर्यटन माडल ‘ग्रीन भी-ग्रोथ भी'

अरविंद शर्मा ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में देश में करीब 428.7 करोड़ घरेलू पर्यटक यात्राएं हुईं। दिल्ली-एनसीआर से निकटता और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते हरियाणा इस बड़े बाजार का लाभ उठाने की स्थिति में है।

कुरुक्षेत्र, सूरजकुंड, पिंजौर, मोरनी और ग्रामीण क्षेत्रों को वीकेंड तथा अनुभव आधारित पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने पर जोर रहेगा। सरकार पर्यटन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ से युवाओं और स्टार्टअप को जोड़ रही है। मंत्री ने कहा कि हरियाणा का पर्यटन माडल निवेश और रोजगार बढ़ाने के साथ ‘ग्रीन भी, ग्रोथ भी’ के संतुलन पर आधारित होगा।