जागरण टीम, चंडीगढ़/पंचकूला। पंचकूला के सेक्टर 3 में 36.49 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले राज्य सूचना आयोग के भवन का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर होगा। यह घोषणा पंचकूला में मुख्यमंत्री मनोहर लाल भवन की आधारशिला रखने के बाद की। मनोहर लाल ने नेता जी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर प्रदेश के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने देश की आजादी में युवाओं में जो जज्बा पैदा किया व प्रेरणा दी, उसको कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह दुख की बात है कि कांग्रेस पार्टी को नेहरू परिवार के वंशवाद से बाहर निकलने की फुर्सत नहीं मिली और इसके चलते देश की आज़ादी में नेता जी व अन्य क्रांतिकारियों द्वारा दिये गए योगदान को आगे नहीं लाया गया। आज युवाओं को नेता जी सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारियों की जीवनी से प्रेरणा लेनी चाहिए और देश व समाज की प्रगति में योगदान के लिए आगे आना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को नेता जी सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं के देश की आजादी में दिये गए योगदान को छिपाने के लिए पछतावा करना चाहिए और उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करना चाहिए, जिन्होंने आज नेता जी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर इंडिया गेट पर नेता जी की प्रतिमा का अनावरण किया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां नेता जी के जीवन से शिक्षा ले सकें। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी चुनाव प्रक्रिया आरंभ हुई है और धीरे-धीरे स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। भारतीय जनता पार्टी पहले से और अधिक अच्छा प्रदर्शन करेगी, ऐसी मेरी आशा है।

राज्य सूचना आयोग भवन का निर्माण दो वर्ष में पूरा होने का अनुमान है तथा इस पर कल 36.49 करोड़ रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। प्लाट का कुल क्षेत्र 3274.35 वर्ग मीटर है तथा दो बेसमेंट सहित यह 6 मंजिला भवन होगा तथा कुल कवर्ड एरिया 8500.98 वर्ग मीटर होगा। बेसमेंट का क्षेत्र 3692.20 वर्ग मीटर का होगा। इस अवसर पर सांसद रतन लाल कटारिया, मुख्य सचिव संजीव कौशल, मुख्य सूचना आयुक्त यशपाल सिंघल, हरियाणा प्रशासन सुधार विभाग के आयुक्त एवं सचिव पंकज अग्रवाल, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के प्रबंध निदेशक आरसी मिश्रा, पुलिस आयुक्त सौरभ सिंह, राज्य सूचना आयोग की सचिव सरिता मलिक, सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) अमन कुमार, सचिव आरटीए ममता शर्मा, हरियाणा सूचना आयोग के सदस्य चंद्र प्रकाश, अरूण सांगवान, नरिंदर सिंह यादव, कमलदीप भंडारी, भाजपा नेता ओम प्रकाश देवी नगर के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

फिजा में गूंजे नेताजी के पराक्रम को समर्पित तराने

पूरे हरियाणा में रविवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पराक्रम दिवस के रूप में मनाई गई। भाजपा सरकार और संगठन ने चंडीगढ़ से लेकर एनसीआर तक हर जिले में नेताजी को याद करते हुए न केवल उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए, बल्कि नेताजी के पराक्रम को समर्पित तराने भी गाए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में एमएलए हास्टल के निकट नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में नेताजी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

प्रदेश में दो दिन से हो रही बारिश के बावजूद नेताजी को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ बहादुरगढ़ में हरियाणा बोलेगा जय हिंद बोस कार्यक्रम में शामिल हुए और वहां से फाजिलपुर बादली में आजाद हिंद फौज के वीर सेनानी 102 वर्षीय महाशय परमानंद को उनके निवास पर जाकर सम्मानित किया। राज्य में 7800 स्थानों पर 75-75 की संख्या में करीब छह लाख भाजपा कार्यकर्ताओं ने नेताजी को श्रद्धांजलि देते हुए तराने गाए।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में नेताजी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी के आदर्शों और बलिदान से प्रेरणा लेते हुए देश की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करें। मुख्यमंत्री ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में नेताजी के जीवन दर्शन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस 'पराक्रम दिवस' के जश्न के साथ ही गणतंत्र दिवस समारोह का भी आगाज हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक अद्वितीय नेता थे, जिन्होंने आजाद हिंद फौज का नेतृत्व कर न केवल भारत की धरती पर बल्कि पूरे विश्व में आजादी की मशाल जलाई थी। स्वतंत्रता संग्राम के उस महान युग में, जब देश ब्रिटिश शासन के चंगुल से मुक्त होने के लिए संघर्ष कर रहा था, नेताजी ने अपनी आजाद हिंद फौज के 50 हजार बहादुर जवानों के साथ विदेशी शासन की नींव हिलाकर रख दी थी। इस वजह से अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा था।

मनोहर लाल ने कहा कि 'हरियाणा बोलेगा जय हिंद बोस' के नारे के साथ सरकार अब तक 495 कार्यक्रम आयोजित करा चुकी है। 1500 ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य है। एक क्रांतिकारी नेता होने के साथ-साथ नेताजी संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी थे। नेताजी के स्कूल के किस्से को याद करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि नेताजी के स्कूल के गेट के बाहर एक भिखारन खड़ी होती थी, जिसके साथ नेताजी अपना आधा भोजन साझा करते थे। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि नेताजी ने देश की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। विकास एवं पंचायत राज्य मंत्री देवेंद्र सिंह बबली, विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर गंगवा, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा, अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया और पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

Edited By: Kamlesh Bhatt