जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा में बस से यात्रा करने वालों को 5 सितंबर से भारी मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। रोडवेज कर्मचारियों की बुधवार को राज्‍य सरकार के साथ हुई वार्ता विफल हो गई। इसके बाद रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने 5 सितंबर से अनिश्चित हड़ताल करने का एेलान कर दिया। इसके साथ ही रोडवेज कर्मचारियों की बार-बार की हड़ताल से परेशान प्रदेश सरकार ने इस बार इससे सख्ती से निपटने की रणनीति बनाई है।

रोडवेकर्मी करेंगे बेमियादी हड़ताल, बसों का करेंगे चक्का जाम

 राज्‍य सरकार ने 5 सितंबर से हरियाणा रोडवेज बसों का चक्का जाम करने पर तुली ज्वाइंट एक्शन कमेटी को  साफ कर दिया कि हड़ताल के नाम पर ब्लैकमेलिंग अब नहीं चलेगी। अगर हड़ताल हुई तो इससे सख्ती से निपटा जाएगा। सरकार का कहना है कि राज्‍य में परिवहन सुविधाओं को सुधारने के लिए ही किलोमीटर स्कीम के तहत 720 निजी बसों के संचालन का फैसला लिया है और यह लागू होकर रहेगा।

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परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बुधवार को रोडवेज की सभी कर्मचारी यूनियनों को वार्ता के लिए बुलाया था। हरियाणा निवास में दो घंटे देरी से दोपहर बाद तीन बजे बैठक शुरू हुई। हालांकि ज्वाइंट एक्शन कमेटी को छोड़कर दूसरी यूनियनों के पदाधिकारी वार्ता में नहीं पहुंचे।

सरकार को रुख भी कड़ा, कहा- ब्लैकमेलिंग अब बर्दाश्त नहीं

सरकार की ओर से परिवहन मंत्री के साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह, परिवहन महानिदेशक विकास गुप्ता और अतिरिक्त महानिदेशक वीरेंद्र दहिया वार्ता की टेबल पर बैठे। ज्वाइंट एक्शन कमेटी की तरफ से हरिनारायण शर्मा, बलवान सिंह दोदवा, दलबीर किरमारा, आजाद गिल, अनूप सहरावत, नसीब जाखड़, जयभगवान कादियान, सतीश मकड़ौली, बाबूलाल यादव व रमेश सैणी ने कर्मचारी यूनियनों का पक्ष रखा।

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बैठक में शुरू से ही तल्खी का माहौल रहा। परिवहन सचिव धनपत सिंह ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी यूनियनें हड़ताल का एेलान करके सरकार को बार-बार ब्लैकमेल करती हैं। अब यह बर्दाश्त नहीं होगा। करीब पौने तीन घंटे चली दो दौर की वार्ता में जब कोई हल नहीं निकला तो परिवहन सचिव ने कह दिया कि आपको जो करना है कर लो। अगर हड़ताल हुई तो सख्त कार्रवाई होगी।

उन्होंने कहा कि निजी बसों को परमिट जनता की सुविधा के लिए दिया जा रहा है। सरकार का काम कर्मचारियों के हित के साथ जनता को सुविधा देना भी है, लेकिन कर्मचारी नेता व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए हड़ताल करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए कर्मचारियों से ज्यादा आमलोगों के हित सर्वोपरि हैं। निजी बसों की किलोमीटर स्कीम से लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी लेकिन रोडवेज कर्मचारी यूनियनें बिना समझे इसके विरोध पर उतरी हैं।

दूसरी आेर, राज्‍य सरकार के रुख से हैरान कर्मचारी नेताओं ने एेलान कर दिया कि 5 सितंबर से बेमियादी हड़ताल होगी। वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार बातचीत को लेकर गंभीर नहीं थी। पहले परिवहन मंत्री बैठक से बीच में चले गए और फिर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मीटिंग में नहीं पहुंचे।

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बता दें कि किलोमीटर स्कीम के तहत परिवहन विभाग में 720 बसों को कांट्रेक्ट पर चलाने के फैसले पर रोडवेज कर्मचारी भड़के हुए हैं। इसी मुद्दे को लेकर पिछली 7 अगस्त को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पूरे प्रदेश मेें बसों का चक्का जाम कर दिया था। अब ज्वाइंट एक्शन कमेटी 5 सितंबर को हड़ताल की तैयारी में जुटी है।

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Posted By: Sunil Kumar Jha