हरियाणा पॉलिटेक्निक तबादला नीति पर हाई कोर्ट का कड़ा रुख, सरकार से मांगी जानकारी
हरियाणा हाई कोर्ट ने पॉलिटेक्निक फोरमैन इंस्ट्रक्टरों को संयुक्त कैडर मानकर ऑनलाइन तबादला ड्राइव में शामिल करने के मामले में राज्य सरकार से पूरी जानकारी मांगी है।

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट फाइल फोटो
HighLights
हाई कोर्ट ने पॉलिटेक्निक तबादला नीति पर सरकार से जानकारी मांगी
फोरमैन इंस्ट्रक्टरों को संयुक्त कैडर मानने पर याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई
अलग-अलग ट्रेडों को जोड़कर तबादला नीति का उल्लंघन बताया गया
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के अलग-अलग पॉलिटेक्निक में विभिन्न ट्रेडों में तैनात फोरमैन इंस्ट्रक्टरों को एक संयुक्त कैडर मानकर ऑनलाइन तबादला ड्राइव में शामिल करने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूरी जानकारी मांगी है।
याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में दलील दी कि अलग-अलग ट्रेडों के कर्मचारियों को जोड़कर कैडर की संख्या 80 से अधिक दिखाना तबादला नीति के प्रविधानों के विपरीत है। मामले की अगली सुनवाई छह अक्टूबर को होगी।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि उन्हें 14 जुलाई 2026 को वर्कशाप इंस्ट्रक्टर के पद से फोरमैन इंस्ट्रक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया था।
कैडर की संख्या 80 होना जरूरी
ऑनलाइन तबादला नीति के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी विशेष ट्रेड या विषय में कैडर की संख्या 80 से अधिक होने पर ही संबंधित तबादला ड्राइव लागू होती है।
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इससे पहले विभाग ने वर्कशाप इंस्ट्रक्टरों को अलग-अलग ट्रेडों में होने के बावजूद एक साथ जोड़कर तबादला ड्राइव में शामिल करने का प्रयास किया था। इसे जयबीर सिंह व अन्य बनाम हरियाणा सरकार मामले में हाई कोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई थी। इस मामले में 27 फरवरी 2025 को फैसला हुआ था।
वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर अलग कैडर
याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उक्त मामले के बाद विभाग ने 25 फरवरी 2025 के पत्र और हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर महाधिवक्ता की राय लेने के बाद वर्कशाप इंस्ट्रक्टर पद को तबादला ड्राइव से हटा दिया था। उस समय विभाग ने माना था कि वर्कशाप इंस्ट्रक्टर अलग कैडर है और उसकी संख्या 80 से कम है।
अब याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पदोन्नति के बाद फोरमैन इंस्ट्रक्टरों के मामले में विभाग ने फिर वही तरीका अपनाया है। अलग-अलग पॉलिटेक्निक में अलग-अलग ट्रेडों में कार्यरत फोरमैन इंस्ट्रक्टरों को एक संयुक्त कैडर मानकर वर्तमान तबादला ड्राइव में शामिल किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने इसे पहले हाई कोर्ट के समक्ष विभाग की ओर से लिए गए रुख के विपरीत बताया।
इन दलीलों पर राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने मामले में पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए समय मांगा। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई छह अक्टूबर तक स्थगित कर दी।
