हरियाणा में 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य, गुजरात के हीरा और टेक्सटाइल कारोबारियों को लुभाने की तैयारी
हरियाणा सरकार गुजरात के हीरा और आभूषण कारोबारियों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित कर रही है। इसके तहत ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (फाइल फोटो)
HighLights
हरियाणा में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की तैयारी
गुजरात के हीरा कारोबारियों को निवेश का न्योता
पांच साल में 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार गुजरात के हीरा एवं आभूषण कारोबार से जुड़े उद्यमियों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने की तैयारी में है।
इसके तहत हरियाणा में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इस पार्क के माध्यम से लैब-ग्रोन डायमंड, आभूषण निर्माण, डिजाइनिंग, फिनिशिंग और निर्यात से जुड़ी गतिविधियों को एक ही औद्योगिक इकोसिस्टम के तहत विकसित करने की संभावना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुजरात के सूरत में आयोजित प्रवासी मिलन समारोह में गुजरात के उद्योगपतियों और हरियाणा के प्रवासी उद्यमियों से इस दिशा में सहयोग करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में कारोबार स्थापित कर चुके हरियाणा के प्रवासी उद्यमी दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हरियाणा सरकार अगले पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ रुपये का नया निवेश आकर्षित करने और 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
इसके लिए गुजरात के उद्यमियों को प्रदेश में नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करने और अपने मौजूदा कारोबार का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क किया जाएगा विकसित
मुख्यमंत्री ने हीरा एवं आभूषण क्षेत्र के उद्यमियों से हरियाणा में जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क विकसित करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा।
इससे प्रदेश में आभूषण उद्योग से जुड़ी नई कारोबारी गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की संभावना बन सकती है। इसके अलावा टेक्सटाइल उद्यमियों को नई उत्पादन इकाइयां लगाने और तकनीकी टेक्सटाइल के क्षेत्र में निवेश तलाशने का भी न्योता दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पारंपरिक उद्योगों के साथ इलेक्ट्रानिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, फार्मा, खाद्य प्रसंस्करण और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता बढ़ा रहा है।
प्रदेश में ''मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी -2026'' के साथ नौ क्षेत्र-विशेष नीतियां लागू की गई हैं। इनके माध्यम से निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मा, इलेक्ट्रानिक्स और लाजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी हरियाणा और गुजरात के बीच सहयोग की व्यापक संभावना है।
अप्रैल 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई में आयोजित ''हैपनिंग हरियाणा 2.0'' के दौरान कंपनियों ने 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
अप्रैल 2027 में प्रस्तावित ''हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट'' में उन्होंने गुजरात के उद्योगपतियों और प्रवासी उद्यमियों से सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों की सुविधा के लिए सरल प्रक्रियाओं और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि सरकार निवेशकों को सरल प्रक्रियाएं, डिजिटल सुविधाएं और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
