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हरियाणा के अंशकालिक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ, हाईकोर्ट ने सेवा गिनने के दिए आदेश

Published: Thu, 29 Oct 2026 02:02 PM (IST)

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अंशकालिक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने का निर्देश दिया है।

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट फाइल फोटो

पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट फाइल फोटो

HighLights

  1. अंशकालिक सेवा भी पेंशन योग्य मानी जाएगी

  2. हाईकोर्ट ने पुरानी पेंशन का लाभ दिया

  3. तीन महीने में पेंशन लाभ जारी करने के निर्देश

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में वर्षों तक अंशकालिक कर्मचारी के रूप में काम करने के बाद नियमित हुए कर्मचारियों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पुरानी पेंशन का लाभ देने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि नियमित होने से पहले अंशकालिक, दैनिक वेतन, तदर्थ या अस्थायी आधार पर की गई निरंतर सेवा को पेंशन योग्य सेवा की गणना से बाहर नहीं रखा जा सकता।

हाईकोर्ट ने भिवानी निवासी सुनीता और अन्य की याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित विभाग को उनकी शुरुआती नियुक्ति और नियमितीकरण की तारीखों का सत्यापन करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं ने नियमितीकरण से पहले की सेवा को पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा में शामिल करने की मांग की थी।

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, उनकी नियुक्ति विभिन्न सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के अंशकालिक कर्मचारियों के रूप में वर्ष 1980 से 2002 के बीच हुई थी। लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्हें 11 नवंबर 2003 की नियमितीकरण नीति के तहत नियमित किया गया।

नई पेंशन योजना 28 अक्टूबर 2005 को अधिसूचित हुई और एक जनवरी 2006 से लागू की गई। कर्मचारियों ने तर्क दिया कि उन्होंने सरकारी सेवा नई योजना लागू होने से पहले शुरू की थी, इसलिए नियमितीकरण से पहले की निरंतर सेवा भी पेंशन गणना में शामिल होनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने माना कि याचिकाकर्ता पहले अंशकालिक आधार पर नियुक्त हुए और बाद में नियमित किए गए। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड बनाम सतनाम सिंह मामले के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक निरंतर सेवा के बाद नियमित हुए कर्मचारियों को तकनीकी आधार पर पेंशन लाभ से वंचित करना उचित नहीं है।

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि तथ्यों के सत्यापन के बाद पेंशन और सेवानिवृत्ति संबंधी लाभों का दोबारा निर्धारण किया जाए। आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर देय लाभ जारी हों। नई पेंशन योजना के तहत पहले से जमा या भुगतान राशि का समायोजन कानून के अनुसार किया जाएगा।