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हरियाणा में लोक लेखा समिति ने मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी पर उठाए सवाल, बुनियादी ढांचे पर जताई चिंता

Published: Sat, 21 Mar 2026 08:12 PM (IST)

हरियाणा विधानसभा की लोक लेखा समिति ने फरीदाबाद और नूंह के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की भारी कमी और बुनियादी ढांचे के अभाव पर चिंता जताई है।

लोक लेखा समिति ने डॉक्टरों की कमी पर उठाए सवाल। फाइल फोटो

लोक लेखा समिति ने डॉक्टरों की कमी पर उठाए सवाल। फाइल फोटो

HighLights

  1. फरीदाबाद मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड, लैब टेस्ट जैसी सुविधाएं अनुपलब्ध।

  2. नूंह मेडिकल कॉलेज में 37% प्रोफेसर पद, स्टाफ रिक्त।

  3. खराब उपकरण, जर्जर छत से मरीजों की जान को खतरा।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने फरीदाबाद स्थित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कालेज और अस्पताल तथा नूंह स्थित शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कालेज और अस्पताल में डाक्टरों की कमी पर सवाल उठाए हैं। दोनों मेडिकल कालेजों में न पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ है और न ही बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।

समिति के अध्यक्ष और नूंह के विधायक आफताब अहमद द्वारा विधानसभा के बजट सत्र में पेश रिपोर्ट के मुताबिक 15 जनवरी को फरीदाबाद में निरीक्षण के दौरान समिति ने पाया कि वहां केवल एक मरीज भर्ती था। अल्ट्रासाउंड परीक्षण नहीं किए जा रहे थे।

लैब टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, एमआरआइ और पोस्टमार्टम की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। मरीजों का आनलाइन पंजीकरण भी नहीं किया जा रहा था। मेडिकल कालेज के एमबीबीएस छात्रों को प्रेक्टिकल के लिए नजदीक में ही स्थित बीके अस्पताल जाना पड़ता है। ओपीडी में प्रतिदिन केवल 300 से 400 मरीज ही आते हैं।

नूंह मेडिकल कालेज में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के 37 प्रतिशत पद रिक्त हैं। कोई रेडियोलाजिस्ट उपलब्ध नहीं है। ग्रुप ए के 363 से 223 और ग्रुप बी के 39 पदों में से 30 पद रिक्त हैं। डक्टरों, रेडियोलाजिस्ट और न्यूरोलाजिस्ट की कमी बनी हुई है।

अधिकतर मामलों में सर्जरी के लिए दी गई तारीखों को बार-बार बढ़ाया जा रहा है। कई एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें खराब पड़ी हैं और अन्य आवश्यक उपकरण भी गायब हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि छत की हालत कभी भी बिगड़ सकती है, जिससे लोगों के जीवन को खतरा हो सकता है।