हरियाणा में नायब सरकार के दो साल, 70 वादे पूरे; अब अगले तीन साल रहेंगे चुनौती भरे
हरियाणा में नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे कर लिए ...और पढ़ें

नॉन स्टॉप हरियाणा के संकल्प के साथ वादों पर खरा उतर रही भाजपा सरकार।
HighLights
217 चुनावी वादों में से 70 संकल्प पूरे।
शेष 143 वादों को पूरा करने की चुनौती।
खरी उतरी तीसरी बार की भाजपा सरकार।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार शनिवार को अपने तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे करने जा रही है। सत्ता में वापसी के बाद सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल शासन चलाने की नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा कर दिखाने की थी।
अब दो साल बाद सरकार के पास उपलब्धियों का पूरा ब्यौरा है, कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार है और औद्योगिक विकास का व्यापक रोडमैप मौजूद है। इन सबके बीच जो आंकड़ा सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है, वह भाजपा के 217 चुनावी संकल्पों का है, जिसमें से 70 पूरे हो चुके हैं, जबकि 143 संकल्पों पर काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपनी सरकार के दो साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने की तैयारी में हैं। अक्टूबर के अंत तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हरियाणा आने की संभावना है।
हरियाणा दिवस पर एक नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुकुल कुरुक्षेत्र आ सकती हैं, इसलिए प्रधानमंत्री या तो उनसे पहले अथवा बाद में हरियाणा का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री की रैली में ही मुख्यमंत्री अपनी सरकार के कार्यकाल का पूरा रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे।
मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार करवाया
मुख्यमंत्री ने अपनी टीम के मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड भी तैयार करवा लिया है। ऐसे में यह अवसर सरकार के लिए अपनी उपलब्धियां गिनाने के साथ अगले तीन साल की प्राथमिकताएं तय करने का भी होगा।
सरकार के इस रिपोर्ट कार्ड की असली अहमियत केवल पूरे हो चुके संकल्पों की संख्या में नहीं, बल्कि इस बात में होगी कि सरकार ने आम आदमी की जिंदगी में कितना बदलाव किया है और अधूरे वादों को पूरा करने के लिए उसके पास क्या समयबद्ध योजना है।
लाडो लक्ष्मी से एमएसपी तक, सीधा लाभ
नायब सरकार के दो साल के कार्यकाल में महिलाओं को आर्थिक सहायता, किसानों की फसल खरीद और गरीब परिवारों को राहत देने वाली योजनाएं प्रमुखता से सामने आई हैं। इनमें दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना सरकार की प्रमुख पहलों में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये मासिक सहायता देने का प्रविधान है।
सरकार के मुताबिक, योजना के तहत लाखों महिलाओं तक आर्थिक सहायता पहुंचाई जा चुकी है। इसका राजनीतिक और सामाजिक महत्व इसलिए भी है, क्योंकि यह योजना परिवार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की सीधी भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है।
किसानों के लिए 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद का प्रविधान भी नायब सरकार की बड़ी उपलब्धि है। अंत्योदय और बीपीएल परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलिंडर उपलब्ध करवाकर सरकार ने अपना बड़ा वादा पूरा किया है।
महंगी चिकित्सा सेवाओं से मिली राहत
स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिरायु आयुष्मान योजना के तहत परिवारों को 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देने का वादा और सरकारी अस्पतालों में डायलिसिस मुफ्त करने का फैसला भाजपा ने चुनाव से पहले किया था, जिन्हें पूरा किया जा चुका है। डायलिसिस जैसी नियमित और महंगी चिकित्सा सुविधा का खर्च उठाने वाले परिवारों के लिए यह राहत महत्वपूर्ण है।
सरकार की रणनीति स्पष्ट है—ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता देना जिनका लाभ सीधे परिवारों तक पहुंचे और जिन्हें आम नागरिक अपने रोजमर्रा के जीवन में महसूस कर सके। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव लाभार्थियों की संख्या, सेवाओं की गुणवत्ता और सहायता की नियमितता से भी आंका जाएगा।
50 हजार सरकारी नौकरियां और आवास
नायब सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, गरीब परिवारों को आवास देना और प्रदेश में नए निवेश के अवसर पैदा करना शामिल रहा है। भाजपा ने चुनाव के दौरान दो लाख पक्की सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, नायब सरकार के दो साल के कार्यकाल में करीब 50 हजार सरकारी पक्की नौकरियां दी जा चुकी हैं। घोषित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सरकार के पास अभी तीन साल का समय बाकी है।
ऐसे में आने वाले समय में भर्ती प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता दोनों पर नजर रहेगी। आवास के मोर्चे पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच लाख मकान उपलब्ध कराने का संकल्प लिया गया था। इस दिशा में करीब 70 हजार मकान तैयार होने की जानकारी दी गई है।
औद्योगिक विकास से जंगल सफारी तक का सफर
औद्योगिक विकास के लिए आइएमटी खरखौदा की तर्ज पर 10 आधुनिक औद्योगिक शहर विकसित करने की योजना भी महत्वपूर्ण है। इनके लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में बताई जा रही है। हरियाणा सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए एक साथ 10 औद्योगिक नीतियां शुरू की हैं।
इसके अतिरिक्त, हरियाणा के युवाओं को रोजगार देने वाले उद्यमियों के लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था भी की गई है। अग्निवीरों को राज्य में नौकरी के अनिवार्य रूप से अवसर देने का प्रविधान, रेल और सड़क यातायात को बेहतर बनाने के फैसले तथा अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक आयोगों का गठन भी भाजपा सरकार के दो साल के कामकाज का अहम हिस्सा हैं, जबकि 10 हजार एकड़ में जंगल सफारी विकसित करने की योजना प्रक्रिया में है।
दो साल बाद असली परीक्षा बाकी
नायब सिंह सैनी सरकार के दो साल का आकलन केवल योजनाओं और घोषणाओं के आधार पर नहीं किया जा सकता। सरकार ने महिलाओं, किसानों और गरीब परिवारों के लिए कई योजनाओं को प्राथमिकता दी है।
अब जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड रखते समय सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही होगा कि पूरे हो चुके संकल्पों के साथ अधूरे वादों को पूरा करने की समयसीमा क्या है।
तीसरी बार सत्ता में लौटी भाजपा सरकार के अगले तीन साल इसी कसौटी पर परखे जाएंगे कि वह चुनावी घोषणाओं को कितनी तेजी से जमीन पर उतारती है और विकास का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों तक कैसे पहुंचाती है।
