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हरियाणा में जमीन इस्तेमाल के नियम बदलेंगे, प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़ बाकी की अनुमति; 30 दिन में दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

By Sudhir TanwarEdited By: Prince Sharma
Published: Thu, 01 Oct 2026 04:28 PM (GMT+05:30)

हरियाणा सरकार जमीन के इस्तेमाल से जुड़े विकास योजनाओं के नियमों में बदलाव कर रही है। अब प्रतिबंधित गतिविधियों की ...और पढ़ें

हरियाणा में जमीन इस्तेमाल के बदलेंगे नियम (प्रतीकात्मक फोटो)

हरियाणा में जमीन इस्तेमाल के बदलेंगे नियम (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. जमीन उपयोग के मौजूदा विकास योजनाओं में बदलाव की तैयारी।

  2. अब केवल प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची तैयार की जाएगी।

  3. 30 दिन में आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

सुधीर तंवर, चंडीगढ़। हरियाणा में जमीन के इस्तेमाल को लेकर विकास योजनाओं (डेवलपमेंट प्लान) की मौजूदा व्यवस्था को बदलने की तैयारी है। अब किसी लैंड-यूज जोन में क्या गतिविधियां की जा सकती हैं, इसकी लंबी सूची देने के बजाय किन गतिविधियों पर रोक रहेगी, उसकी सूची तैयार की जाएगी।

प्रस्तावित व्यवस्था में ‘जब तक मना न हो, तब तक सब कुछ करने की अनुमति’ के सिद्धांत के तहत प्रतिबंधित गतिविधियों को छोड़कर अन्य उपयोग संबंधित नीति के नियमों के अनुसार किए जा सकेंगे।

यह बदलाव केंद्र सरकार की ‘अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन’ प्रक्रिया के दूसरे चरण के तहत मांग-आधारित उपयोगों को अनुमति देने संबंधी सिफारिशों के क्रियान्वयन पर विचार के दौरान प्रस्तावित किया गया है। जोनिंग नियमों को अंतिम रूप देने से पहले सरकार इन पर विचार करेगी। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के महानिदेशक डा. जे गणेशन ने सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए 30 दिन के अंदर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं।

रिहायशी जोन: उद्योग से लेकर खनन तक पर रोक प्रस्तावित प्रतिबंधित सूची में रिहायशी जोन के लिए लोकल सर्विस इंडस्ट्री को छोड़कर औद्योगिक इकाइयां और औद्योगिक कालोनियां शामिल हैं। वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, रीसाइक्लिंग यूनिट, रेडी मिक्स कंक्रीट व हाट मिक्स प्लांट, साइबर पार्क, आइटी पार्क, आइटी यूनिट और डेटा सेंटर यहां प्रतिबंधित होंगे।

लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। इनमें इंटीग्रेटेड मल्टी-माडल लाजिस्टिक्स पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो, लाजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, स्टोरेज, गैस गोदाम, ट्रांसपोर्ट नगर, ट्रांसपोर्ट डिपो, एयरपोर्ट, एयर स्टेशन, स्काईपोर्ट/हेलीपैड, रेलवे यार्ड, रेलवे स्टेशन और साइडिंग शामिल हैं।

बस टर्मिनल, बस डिपो, ट्रक पार्किंग, ट्रांसपोर्ट हब, गुड्स टर्मिनल, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस कचरा प्रबंधन साइट, सीएंडडी वेस्ट व बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट साइट भी निषिद्ध सूची में हैं। बूचड़खाना, मवेशी बाड़ा, टैनरी, मछली बाजार, डेयरी-पोल्ट्री फार्मिंग, खनन, क्वारींग और पत्थर तोड़ने के काम पर भी रोक प्रस्तावित है।

कामर्शियल जोन: रिहायशी कॉलोनी से खनन तक प्रतिबंधित, विस्फोटक से जुड़े कारोबार पर भी रोक

कामर्शियल जोन में रिहायशी कालोनियां, लोकल सर्विस इंडस्ट्री को छोड़कर औद्योगिक इकाइयां, औद्योगिक कालोनियां, वेस्ट-टू-एनर्जी व रीसाइक्लिंग यूनिट, साइबर/आइटी पार्क और डेटा सेंटर प्रतिबंधित होंगे।

सीवेज ट्रीटमेंट, ठोस कचरा प्रबंधन, गैस इंस्टालेशन, श्मशान-कब्रिस्तान, बूचड़खाना, मवेशी बाड़ा, टैनरी, खेती-बागवानी, डेयरी-पोल्ट्री फार्मिंग, खनन व पत्थर निकालने-तोड़ने का काम भी नहीं हो सकेगा। खतरनाक अथवा नुकसानदायक व्यापार, जिसमें विस्फोटक से जुड़े काम शामिल हैं, पर भी रोक रहेगी।

औद्योगिक क्षेत्र: आवासीय-कामर्शियल कॉलोनियां नहीं

इंडस्ट्रियल जोन में रिहायशी और कामर्शियल कॉलोनियां, शिक्षण संस्थान तथा खेती, बागवानी, डेयरी और पोल्ट्री फार्मिंग प्रतिबंधित गतिविधियों में होंगी।

ट्रांसपोर्ट एवं कम्युनिकेशन जोन: इन पर रहेगी रोक

ट्रांसपोर्ट एवं कम्युनिकेशन जोन में रिहायशी-कामर्शियल कालोनियां, रेड कैटेगरी की औद्योगिक इकाइयां, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, रीसाइक्लिंग यूनिट, साइबर/आइटी पार्क, आइटी यूनिट, संस्थागत इस्तेमाल तथा खेती-बागवानी-डेयरी-पोल्ट्री फार्मिंग पर रोक प्रस्तावित है।

पब्लिक-सेमी पब्लिक जोन: लंबी प्रतिबंधित सूची

पब्लिक एवं सेमी-पब्लिक जोन में औद्योगिक इकाइयां और कालोनियां, रिहायशी-कामर्शियल कॉलोनियां, वेस्ट-टू-एनर्जी व रीसाइक्लिंग यूनिट, साइबर/आइटी पार्क, लाजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, स्टोरेज, गैस गोदाम, थोक व्यापारिक प्रतिष्ठान, ट्रांसपोर्ट नगर व ट्रांसपोर्ट डिपो प्रतिबंधित होंगे। गुड्स टर्मिनल, लोडिंग-अनलोडिंग एरिया, विभिन्न वेस्ट मैनेजमेंट साइट, गैस इंस्टालेशन, बूचड़खाना, मवेशी बाड़ा, टैनरी, मछली बाजार तथा खेती-बागवानी-डेयरी-पोल्ट्री फार्मिंग भी इस सूची में शामिल हैं।

पब्लिक यूटिलिटी जोन: होटल से अस्पताल तक प्रतिबंधित

पब्लिक यूटिलिटी जोन में घर व रिहायशी कालोनियां, कामर्शियल कॉलोनियां, होटल जैसे कामर्शियल प्रतिष्ठान, शिक्षण व स्वास्थ्य संस्थान, सामाजिक-सांस्कृतिक, क्लब, कम्युनिटी सेंटर और बैंक्वेट हाल प्रतिबंधित सूची में हैं। औद्योगिक कालोनियां, सर्विस गैराज, वेयरहाउस, स्टोरेज, गैस गोदाम, ट्रांसपोर्ट नगर, ट्रांसपोर्ट डिपो तथा डेयरी-पोल्ट्री फार्मिंग भी प्रतिबंधित होगी।

ओपन स्पेस: पार्क व खेल गतिविधियां ओपन स्पेस जोन में पार्क, ग्रीन बेल्ट, जलाशय और खेल गतिविधियां, सार्वजनिक सुविधा सेवाएं, फ्यूल स्टेशन, सार्वजनिक परिवहन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और मनोरंजन, श्मशान को छोड़ बाकी गतिविधियां प्रतिबंधित होंगी।

कृषि क्षेत्र: तीन गतिविधियों पर रोक एग्रीकल्चर जोन में रिहायशी व कामर्शियल कालोनियां, रेड कैटेगरी की औद्योगिक इकाइयां तथा आइटी से जुड़े संस्थानों (डेटा सेंटर को छोड़कर) को प्रतिबंधित किया जाएगा।

प्राकृतिक संरक्षण व विशेष जोन में नियम नेचुरल कंजर्वेशन जोन व स्पेशल जोन में संबंधित डेवलपमेंट प्लान में मंजूर गतिविधियों के अलावा अन्य प्रतिबंधित रहेंगी। मुख्य लैंड-यूज जोन में सूचीबद्ध गतिविधियों के अलावा किसी अन्य पर भी रोक लगा सकेंगे।