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मारुति, अमूल व Flipkart.. कई दिग्गज कंपनियों का हरियाणा में हजारों करोड़ का निवेश, 14000 एकड़ में फैलेगा औद्योगिक नेटवर्क

Published: Tue, 13 Oct 2026 05:00 AM (IST)

हरियाणा सरकार औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMT) का विस्तार कर रही है और नई भूमि चिह्नित कर रही है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फाइल फोटो

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी। फाइल फोटो

HighLights

  1. चार IMT के विस्तार हेतु 14,300 एकड़ भूमि चिह्नित।

  2. मारुति, फ्लिपकार्ट सहित कई कंपनियों का बड़ा निवेश।

  3. कौशल विकास, बुनियादी ढांचे पर सरकार का विशेष जोर।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में औद्योगिक निवेश को गति देने के लिए सरकार मौजूदा औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आइएमटी) में बड़ी कंपनियों की परियोजनाओं को बढ़ावा देने के साथ ही नए औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से प्रदेश को देशी और वैश्विक कंपनियों के लिए प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल के अनुसार, चार आइएमटी के विस्तार के लिए लगभग 14,300 एकड़ अतिरिक्त भूमि चिह्नित की गई है। इससे औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना हैं।

हरियाणा में छह प्रमुख आइएमटी विकसित की गई हैं। इनमें मानेसर लगभग 4,000 एकड़, रोहतक 3,600 एकड़, बावल 3,300 एकड़, खरखौदा 3,200 एकड़, फरीदाबाद 1,800 एकड़ और सोहना 1,500 एकड़ में फैली हैं। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

फ्लिपकार्ट 140 एकड़ में 1300 करोड़ रुपये का किया निवेश

प्रमुख निवेश परियोजनाओं में मारुति सुजुकी 800 एकड़ में 18,000 करोड़ रुपये, एटीएल 178 एकड़ में 7,000 करोड़ रुपये, आदित्य बिरला ग्रुप 70 एकड़ में 1,140 करोड़ रुपये और यूनो-मिंडा 94 एकड़ में 11,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं।

डा. अमित अग्रवाल ने बताया कि फ्लिपकार्ट 140 एकड़ में 1,300 करोड़ रुपये, डेंसो 37 एकड़ में 570 करोड़ रुपये, टोयोटा बोशोकु 21 एकड़ में 400 करोड़ रुपये और अमूल 10 एकड़ में 300 करोड़ रुपये की परियोजना के साथ निवेश कर रहे हैं।

फैवेली ट्रांसपोर्ट पांच एकड़ में 200 करोड़ रुपये तथा यूफ्लेक्स 14 एकड़ में 300 करोड़ रुपये का निवेश कर रहे हैं। यामाहा, एस्कोर्ट्स, व्हर्लपूल, इंडियन आयल, एशियन पेंट्स, जेसीबी, होंडा, हीरो, टाटा, गूगल, माइक्रोसाफ्ट, सैमसंग और भारत इलेक्ट्रानिक्स सहित अनेक कंपनियां भी प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी हैं।

चार आइएमटी के विस्तार के लिए जमीन चिह्नित

औद्योगिक नेटवर्क को नए क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना के तहत खरखौदा के विस्तार के लिए लगभग 5,800 एकड़, कोसली में नई आइएमटी के लिए 5,000 एकड़, बावल के विस्तार के लिए 2,000 एकड़ और सोहना के विस्तार के लिए 1,500 एकड़ अतिरिक्त भूमि चिह्नित की गई है।

अमित अग्रवाल के अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं, स्पष्ट भूमि स्वामित्व, पूर्व-स्वीकृत औद्योगिक भूमि उपयोग, सिंगल-विंडो सहायता और बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने पर जोर है।

उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए कौशल विकास केंद्र, सामान्य सुविधा केंद्र, स्टार्टअप सहायता और इन्क्यूबेशन सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि वाला सक्षम कोष बनाया गया है।