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हरियाणा के IAS आरके सिंह को नहीं मिली जमानत, IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े करोड़ों के घोटाले में जेल में काट रहा दिन

Published: Fri, 16 Oct 2026 06:58 PM (IST)

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े करोड़ों के घोटाले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी राम कुमार सिंह की जमानत याचिका पंचकूला सीबीआई ...और पढ़ें

आईएएस अधिकारी रामकुमार सिंह को सीबीआई ने 18 जून को गिरफ्तार किया था।

आईएएस अधिकारी रामकुमार सिंह को सीबीआई ने 18 जून को गिरफ्तार किया था।

HighLights

  1. जमानत याचिका सीबीआई कोर्ट से खारिज।

  2. 118.46 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले का आरोप।

  3. पंचकूला निगम, कालका परिषद के खातों में धोखाधड़ी।

जागरण संवाददाता, पंचकूला। आईडीएफसी फर्स्ट बैँक से जुड़े हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों खातों में हुए करोड़ों के घोटाले में गिरफ्तार आईएएस अधिकारी राम कुमार (आरके) सिंह को बड़ा झटका लगा है।

पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने आरके सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरके सिंह को सीबीआइ ने 18 जून 2026 को गिरफ्तार किया था तब से वह जेल में बंद है।

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि पंचकूला नगर निगम और कालका नगर परिषद के खातों से कुल 118.46 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर रकम निकाली गई। इसमें पंचकूला नगर निगम के 100 करोड़ और कालका नगर परिषद के 18.46 करोड़ रुपये शामिल हैं।

अदालत में सीबीआइ ने आरोप लगाया कि तत्कालीन नगर निगम आयुक्त राम कुमार सिंह ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की सेक्टर-32, चंडीगढ़ शाखा में खाते खुलवाने और एफडी कराने में नियमों की अनदेखी की।

30 अक्टूबर 2025 को कोटेशन मांगकर अगले ही दिन अंतिम तारीख रखी गई और प्रतिस्पर्धी दरों पर विचार किए बिना पहले से जमा एफडी समय से पहले तुड़वाने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारी की सह-आरोपित अभय कुमार से लगातार बातचीत होती थी, जबकि अभय उस समय बैंक का कर्मचारी भी नहीं था।

अभियोजन ने यह भी दावा किया कि 11 जनवरी 2026 को अधिकारी के घर पर 50 लाख रुपये पहुंचाए गए और बाद में हवाला के जरिए उनके बेटे प्रशांत सिंह तक 2 करोड़ रुपये पहुंचाए गए।

बचाव पक्ष ने आरोपों को नकारते हुए इसे प्रशासनिक चूक बताया और कहा कि जांच पूरी हो चुकी है। अदालत ने आरोपों की गंभीरता, कथित भूमिका और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए जमानत देने से इन्कार कर दिया।

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अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को

दूसरी तरफ प्रमुख आरोपित कारोबारी विक्रम वधवा ने भी जमानत याचिका दायर की है। उसकी याचिका पर सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनवाई के लिए 21 अक्टूबर की तारीख तय की है।

विक्रम वधवा को सीबीआई ने दो जून को गिरफ्तार किया था और तब से वह जेल में बंद है। उस पर रिभव ऋषि, अभय कुमार, बैंक अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी धन के गबन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है।