हरियाणा में गेस्ट टीचर्स की बल्ले-बल्ले! 58 साल में रिटायरमेंट, 730 छुट्टियां और विदेश घूमने का शानदार मौका
हरियाणा सरकार ने राजकीय स्कूलों के 12 हजार अतिथि अध्यापकों के लिए 'हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा नियम 2026' लागू किए हैं, जिसमें सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष तय की गई है।

सीएम नायब सिंह सैनी (फाइल फोटो)
HighLights
अतिथि अध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 वर्ष निर्धारित
महिला शिक्षकों को 22 दिन आकस्मिक अवकाश मिलेगा
अतिथि अध्यापक संघ ने नियमों को अस्वीकार किया
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राजकीय स्कूलों में कार्यरत करीब 12 हजार अतिथि अध्यापकों के लिए सेवा शर्तें तय कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने साल 2019 में अतिथि अध्यापकों के लिए सेवा सुरक्षा कानून बनाया था, लेकिन उसके नियम अधिसूचित नहीं हुए थे।
हरियाणा सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने मंगलवार को ‘हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा नियम 2026’ लागू कर दिए हैं। इन नियमों में सरकार ने अतिथि अध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 साल निर्धारित की है। साथ ही अवकाश, तबादले और अनुशासन से लेकर इस्तीफे तक प्रत्येक सेवा नियम पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
महिलाओं को 22 दिन की छुट्टी
हरियाणा के पुरुष अतिथि अध्यापकों को 10 दिन और महिलाओं को 22 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। दो बच्चों पर 15 दिन पितृत्व अवकाश के दिए जाएंगे।
महिला और एकल पुरुष अतिथि शिक्षक को 730 दिन चाइल्ड केयर लीव प्रदान की जाएगी, मगर उस अवधि का वेतन नहीं मिलेगा। विशेष परिस्थितियों में 240 दिन का असाधारण अवकाश दिया जाएगा। अतिथि अध्यापकों को सिर्फ ग्रीष्मावकाश में ही विदेश में जाने की अनुमति होगी।
30 जून से पहले सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को क्या मिलेगा
नए नियमों के अनुसार आकस्मिक अवकाश के लिए अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकेगा। जिस वर्ष अतिथि शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहा होगा, उस वर्ष अवकाश की पात्रता उसकी सेवानिवृत्ति की तारीख के आधार पर तय होगी। 30 जून से पहले सेवानिवृत्त होने वाले पुरुष शिक्षक को पांच और महिला शिक्षक को 11 दिन आकस्मिक अवकाश मिलेगा।
नियमों में पुरुष अतिथि शिक्षकों को 15 दिन के पितृत्व अवकाश की सुविधा अधिकतम दो जीवित बच्चों के मामले में पत्नी के प्रसव के दौरान अथवा एक वर्ष से कम आयु के बच्चे को वैध रूप से गोद लेने की तारीख से ली जा सकेगी।
प्रसव की तारीख से 15 दिन पहले से लेकर छह माह बाद तक यह अवकाश लिया जा सकता है। निर्धारित अवधि में अवकाश नहीं लेने पर यह समाप्त माना जाएगा। हरियाणा सरकार ने इन नियमों के साथ अतिथि शिक्षकों की सेवा शर्तों से संबंधित पूर्व में जारी सभी निर्देशों को निरस्त कर दिया है।
दो साल तक चाइल्ड केयर लीव सेवा में ब्रेक नहीं
महिला अतिथि शिक्षकों और एकल पुरुष अतिथि शिक्षकों को पूरी सेवा अवधि में अधिकतम दो वर्ष यानी 730 दिन का चाइल्ड केयर अवकाश मिल सकेगा। यह सुविधा उनके दो सबसे बड़े जीवित बच्चों की देखभाल के लिए होगी और बच्चों की आयु 18 वर्ष तक होने की शर्त रखी गई है। यह अवकाश बिना वेतन होगा। इसे सेवा में ब्रेक नहीं माना जाएगा।
दिव्यांग बच्चे के मामले में 18 वर्ष की आयु की शर्त नहीं
दिव्यांग बच्चे के मामले में 18 वर्ष की आयु की शर्त लागू नहीं होगी। चाइल्ड केयर लीव अधिकार के रूप में नहीं मांगी जा सकेगी और सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति जरूरी होगी। इसे 30 दिन से कम अवधि के लिए नहीं लिया जा सकेगा।
विशेष परिस्थितियों में 240 दिन तक असाधारण अवकाश
नियमों में विशेष परिस्थितियों में अतिथि शिक्षक को अधिकतम 240 दिन का असाधारण अवकाश देने का प्रविधान किया गया है। इसके लिए चिकित्सा प्रमाण पत्र, सरकारी हित में उच्च अध्ययन या प्रशिक्षण अथवा अपरिहार्य परिस्थितियों के आधार पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति ली जा सकेगी। इस अवधि में कोई अवकाश वेतन देय नहीं होगा और असाधारण अवकाश को किसी भी उद्देश्य के लिए अर्हक सेवा नहीं माना जाएगा।
तबादले शिक्षक स्थानांतरण नीति के अनुसार होंगे
अतिथि शिक्षकों के तबादले सरकार की ‘शिक्षक स्थानांतरण नीति 2026’ के प्रविधानों के अनुसार किए जाएंगे। विदेश यात्रा की अनुमति केवल ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विभागाध्यक्ष द्वारा सरकार के समय-समय पर जारी निर्देशों के तहत दी जा सकेगी
इस्तीफे के लिए एक माह का नोटिस
नियमों के तहत प्रत्येक अतिथि शिक्षक 58 वर्ष की आयु पूरी करने वाले महीने के अंतिम दिन दोपहर बाद सेवानिवृत्त होगा। यदि जन्मतिथि महीने की पहली तारीख है तो निर्धारित आयु पूरी होने पर पिछले महीने के अंतिम दिन दोपहर बाद सेवानिवृत्ति होगी।
इस्तीफा देने के इच्छुक अतिथि शिक्षक को एक माह का नोटिस देना होगा। तत्काल इस्तीफा देने की स्थिति में एक माह के नोटिस के बदले एक माह का वेतन जमा कराना होगा।
अनुशासन में नियमित शिक्षकों के समान प्राधिकारी
अनुशासन, लघु दंड और अपील के मामलों में अतिथि शिक्षकों के लिए संबंधित नियमित शिक्षक के समान प्राधिकारी निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा अतिथि शिक्षक हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 के तहत भी शासित होंगे।
अतिथि अध्यापकों को नियमित होने से कम मंजूर नहीं: डॉ. लोहान
हरियाणा के अतिथि अध्यापकों की संयुक्त यूनियन के मीडिया प्रभारी डा. अजय लोहान ने सरकार के इन सेवा नियमों को स्वीकार करने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापकों को यह सेवा नियम मंजूर नहीं हैं।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सरकार ने अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की बजाय उन्हें सेवा सुरक्षा के दायरे में लाकर नियम बना दिए हैं।
अजय लोहान ने कहा कि अतिथि अध्यापक सरकार से उन्हें नियमित करने की मांग कर रहे हैं, ताकि हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन हो सके। इस बारे में मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को विचार करना चाहिए।
