विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के 27 लाख रुपये माफ करेगी हरियाणा सरकार, पीनल रेंट मामले में पूर्व MLA राजदीप फोगाट को भी राहत

Published: Sat, 10 Oct 2026 09:09 AM (IST)

हरियाणा मंत्रिमंडल भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राजदीप सिंह फोगाट के सरकारी आवासों पर लगे पीनल रेंट को माफ करने पर ...और पढ़ें

नायब सैनी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा (फाइल फोटो)

नायब सैनी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भूपेंद्र हुड्डा का 27.17 लाख रुपये का पीनल रेंट माफ होगा।

  2. राजदीप फोगाट का 38.47 लाख रुपये का रेंट भी माफ।

  3. हरियाणा कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर विचार होगा।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा मंत्रिमंडल की शनिवार को होने वाली बैठक में दो ऐसे फैसले चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं, जिनके राजनीतिक मायने हैं।

पहला मामला विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सरकारी आवास पर लगे 27.17 लाख रुपये से अधिक के पीनल रेंट की माफी से जुड़ा है।

दूसरा मामला हरियाणा आवास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और जननायक जनता पार्टी (जजपा) के पूर्व विधायक राजदीप सिंह फोगाट के 38.47 लाख रुपये के पीनल रेंट से संबंधित है।

दोनों मामलों में सरकार के फैसले पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर रहेगी। कैबिनेट बैठक में इन दोनों के पीनल रेंट को माफ करने के प्रस्तावों पर विचार किया जाना है।

हुड्डा के मामले में 27 लाख 17 हजार 764 रुपये और राजदीप सिंह फोगाट के मामले में 38 लाख 47 हजार 310 रुपये का पीनल रेंट संबंधित सरकारी आवास निर्धारित अवधि में खाली नहीं करने से जुड़ा है।

चंडीगढ़ सेक्टर 7 में रहते हैं हुड्डा

भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित मकान नंबर 70 पिछली भाजपा सरकार के दौरान विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर आवंटित किया गया था।

यह मकान अभी भी उनके पास है, जोकि विपक्ष के नेता के रूप में मिला है। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की लगातार तीसरी सरकार बनी, लेकिन हुड्डा की नेता प्रतिपक्ष के रूप में नियुक्ति में देरी हुई।

इस अवधि में वह सरकारी आवास में बने रहे। नियमानुसार निर्धारित अवधि के बाद आवास खाली नहीं करने के कारण उन पर 27 लाख 17 हजार 764 रुपये का पीनल रेंट लगाया गया।

यह मामला पहले भी मंत्रिमंडल के सामने आया था, लेकिन एक कैबिनेट मंत्री ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राशि माफ करने के बावजूद वास्तविक बकाया रकम का उल्लेख सरकारी रिकार्ड में रहना चाहिए।

दूसरी बार कैबिनेट के सामने आ रहा मामला

अब दोबारा यह मामला कैबिनेट के सामने आ रहा है। दूसरा मामला पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित मकान नंबर 737 से संबंधित है, जो हरियाणा आवास बोर्ड के पूर्व चेयरमैन राजदीप सिंह फोगाट को आवंटित किया गया था। फोगाट वर्ष 2014 में इनेलो के टिकट पर चरखी दादरी से विधायक चुने गए थे। बाद में इनेलो में विभाजन के बाद वह दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व वाली जजपा में शामिल हुए और 2019 में फिर विधायक बने।