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प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देंगे हरियाणा के सरकारी स्कूल; 7862 करोड़ रुपये का बजट तैयार

Published: Tue, 26 May 2026 05:02 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने हेतु 7862.40 करोड़ रुपये का भारी-भरकम ...और पढ़ें

फोटो एआई द्वारा बनाई गई है

फोटो एआई द्वारा बनाई गई है

HighLights

  1. 7862 करोड़ रुपये का बजट सरकारी स्कूलों के लिए।

  2. डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट लैब और नए भवन बनेंगे।

  3. छात्र सुरक्षा, बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों से टक्कर लेने के लिए तैयार किया जा रहा है। करीब आठ हजार करोड़ रुपये के बजट से राज्य के स्कूलों और बच्चों को शिक्षित करने के तरीके में बदलाव करने की रूपरेखा बनाई जा चुकी है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ तकनीक और आधुनिक संसाधनों का बदलाव तो दिखाई देगा ही, बुनियादी सुविधाओं की भी कोई कमी नहीं रहेगी। स्कूलों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार किया जाएगा तथा स्मार्ट लैब बनाई जाएंगी। स्कूलों में नये भवन बनाने से लेकर उनमें सुरक्षा व्यवस्था, स्मार्ट बोर्ड और आधुनिक लाइब्रेरी बनाने की सरकार की योजना है।


हरियाणा सरकार ने साल 2026-27 के बजट में माध्यमिक शिक्षा के लिए 7862.40 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट का प्रविधान किया है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा की देखरेख में शिक्षा के अलग-अलग क्षेत्रों में सुधार और विस्तार के लिए बजट का आवंटन कर दिया गया है।

इस बजट में स्मार्ट क्लासरूम, नए स्कूल भवन, मॉडल स्कूल, छात्र सुरक्षा, डिजिटल पढ़ाई, गरीब विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और बेटियों की शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है। शिक्षा के बजट का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षकों और स्कूल संचालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रखा गया है। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता और खेल-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का ख्याल भी राज्य सरकार ने नये बजट प्रविधानों में रखा है।

माध्यमिक शिक्षा बजट में सबसे अधिक राशि शिक्षकों और संस्थागत खर्चों पर व्यय की जाएगी। शिक्षण स्टाफ और संस्थागत व्यवस्थाओं के लिए 5707.41 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों के लिए 83.74 करोड़ रुपये तथा मुख्यालय स्थापना के लिए 56.29 करोड़ रुपये का बजट तय हुआ है।

जूनियर बेसिक ट्रेनिंग संस्थानों के लिए 80.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सूचना एवं संचार तकनीक (आइसीटी) स्कूलों के लिए 65.37 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर आधारित पढ़ाई और तकनीकी संसाधनों का विस्तार किया जाएगा।

माध्यमिक स्कूलों के भवन निर्माण और बड़े विकास कार्यों के लिए 250 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्कूलों में पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण और खरीद पर 161 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शैक्षणिक रूप से पिछड़े ब्लाकों में मॉडल स्कूल खोलने के लिए शिक्षा विभाग ने 60 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। स्कूलों में अलग बालिका शौचालयों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को पढ़ाई से जोड़ने पर भी सरकार का पूरा फोकस रहेगा। बीपीएल परिवारों के कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को मासिक स्टाइपेंड देने के लिए 120 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

स्कूलों में सुरक्षा के साथ संस्कारों की पढ़ाई

बीसी-ए वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 35 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नकद पुरस्कार योजना पर 147 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एससी विद्यार्थियों को मुफ्त साइकिलें उपलब्ध कराने और परीक्षा फीस प्रतिपूर्ति की योजनाओं को भी जारी रखा गया है। ‘सुसंस्कार-बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के लिए 40 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के अनुसार स्कूल परिवहन सुरक्षा योजना पर 38 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। विद्यार्थियों की सुरक्षा बीमा योजना को भी जारी रखा गया है। सरकार स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत कर सुरक्षित शैक्षणिक माहौल तैयार करेगी। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर 10 करोड़ रुपये तथा विज्ञान प्रदर्शनियों व मेलों पर अलग से बजट खर्च होगा।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर खर्च होंगे 735 करोड़

हरियाणा सरकार की ओर से बुक बैंक और लाइब्रेरी योजना पर 62 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खेल के मैदानों के विकास और खेल सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार ने बजट तय किया है। स्कूली बच्चों को खेल, विज्ञान, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर सरकार का पूरा फोकस है।

केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत माध्यमिक शिक्षा क्षेत्र में 734.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 487.50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। पीएमश्री स्कूल योजना के तहत चयनित सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा। ‘पढ़ना-लिखना अभियान’ के लिए भी सरकार ने आठ करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।