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सात समंदर पार सजेगी हरियाणवी चौपाल, विदेशों में बसे हरियाणवियों के लिए CM नायब सैनी का बड़ा नेटवर्क प्लान

Published: Sat, 03 Oct 2026 12:34 AM (IST)

हरियाणा सरकार ने विदेश में रहने वाले हरियाणवी मूल के लोगों को एक मंच पर लाने के लिए 'हरियाणवी' एसोसिएशन बनाने की पहल की है।

सात समंदर पार ‘हरियाणवी’ समाज को एक सूत्र में पिरोने की पहल।

सात समंदर पार ‘हरियाणवी’ समाज को एक सूत्र में पिरोने की पहल।

HighLights

  1. विदेशों में हरियाणवी मूल के लोगों को संगठित किया जा रहा है

  2. यह पहल प्रवासियों को सामाजिक और आर्थिक सहयोग देगी

  3. संस्कृति संरक्षण और वैश्विक संबंध मजबूत करने का लक्ष्य है

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़। हरियाणा की पहचान अब केवल दिल्ली की सीमाओं से लगे एक राज्य तक सीमित नहीं है। खेतों, खलिहानों, खेल के मैदानों, फौजी परंपरा और उद्यमिता से निकली हरियाणा की प्रतिभा पिछले कई दशकों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंची है।

किसी ने यूरोप में कारोबार खड़ा किया, किसी ने अफ्रीका में अपनी पहचान बनाई, तो कोई नई पीढ़ी के साथ अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या खाड़ी देशों में बस गया। ये लोग भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन अपनी जड़ों से उनका रिश्ता अब भी उतना ही गहरा है।

इसी रिश्ते को संस्थागत रूप देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक नई पहल आरंभ की है। सरकार विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के लोगों को एक मंच पर लाकर पंजीकृत ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

मकसद सिर्फ एक सामाजिक संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि विदेश में बसे हरियाणवियों के लिए ऐसा नेटवर्क तैयार करना है जो जरूरत के समय सहयोगी, नई पीढ़ी के लिए संस्कृति का वाहक और हरियाणा के लिए दुनिया से जुड़ने का एक मजबूत सेतु बन सके।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस पहल के तहत विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के प्रमुख लोगों, उद्योगपतियों, कारोबारियों, पेशेवरों और आम लोगों को एक साथ जोड़ने की परिकल्पना की गई है। विदेश सहयोग विभाग इन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।

संकट में सहारे से रोजगार तक, एसोसिएशन निभाएगी ‘अपने लोगों’ की भूमिका

विदेश में नया जीवन शुरू करना हमेशा आसान नहीं होता। भाषा, स्थानीय कानून, रोजगार, कारोबार, दस्तावेज, शिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां प्रवासी भारतीयों के सामने समय-समय पर आती रहती हैं। ऐसे में उसी क्षेत्र में रहने वाले अपने लोगों का संगठित नेटवर्क चुनौतियों से पार लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

हरियाणा सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में यही एसोसिएशन स्थानीय स्तर पर एक तरह के ‘सपोर्ट सिस्टम’ के रूप में काम करेगी। विदेश में पहुंचने वाले किसी हरियाणवी युवा को रोजगार की तलाश हो, किसी कारोबारी को स्थानीय संपर्कों की जरूरत हो या किसी व्यक्ति को किसी मुश्किल परिस्थिति में सामुदायिक सहयोग चाहिए, एसोसिएशन मदद और मार्गदर्शन का माध्यम बन सकेगी।

अफ्रीका से यूरोप तक बन रहा मजबूत नेटवर्क

अभी तक युगांडा और केन्या में हरियाणवी संगठन बन चुके हैं, जबकि स्वीडन, डेनमार्क और तंजानिया में संगठन बनाने की प्रक्रिया के लिए प्रयास चल रहे हैं। हर संगठन के नाम में ‘हरियाणवी’ शब्द को शामिल करने की व्यवस्था आवश्यक रहेगी।

विदेश सहयोग विभाग में मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. पवन चौधरी समन्वय की भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का प्रयास है कि इन संगठनों के साथ निरंतर संपर्क बना रहे और वे विदेश में रहने वाले हरियाणवियों तथा सरकार के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बनें।

सात समंदर पार सजेगी हरियाणवी संस्कृति की चौपाल

हरियाणा दिवस, गीता जयंती और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सामूहिक आयोजन विदेशों में बसे हरियाणवियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

खासतौर पर उन बच्चों और युवाओं के लिए, जिनका जन्म या पालन-पोषण विदेश में हुआ है। ऐसे आयोजन हरियाणा को किताबों या पारिवारिक स्मृतियों से आगे एक जीवंत अनुभव के रूप में सामने ला सकते हैं।

इस पहल का सबसे व्यापक आयाम आर्थिक है। हरियाणा में निवेश की संभावनाओं, नई तकनीक, अंतरराष्ट्रीय बाजारों और वैश्विक कारोबारी संपर्कों के लिए प्रवासी हरियाणवी एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं।