चंडीगढ़, [अनुराग अग्रवाल]। हरियाणा के पांच नगर निगमों में भारी जीत से उत्साहित भाजपा अब ग्रामीणों का भरोसा जीतने की कोशिश में जुट गई है। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और शहरी निकाय मंत्री कविता जैन की सदस्यता वाली कैबिनेट सब कमेटी गांवों का लाल डोरा खत्म करने के हक में है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाले मंत्री समूह में जब यह प्रस्ताव आया तो पूरी सरकार इससे सहमत नजर आई।

कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों पर मंत्री समूह सहमत, -जींद उपचुनाव के बाद लग सकती मुहर

जींद उपचुनाव के मद्देनजर सरकार फिलहाल गांवों का लाल डोरा खत्म करने का विधिवत एेलान तो नहीं कर पा रही, लेकिन इस पर लगभग सहमति बन चुकी है। मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के सदस्यों ने गांवों की तमाम जमीनें लाल डोरे के दायरे से बाहर निकालने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। उपचुनाव के बाद मंत्रिमंडल की बैठक में इसको विधिवत मंजूरी दी जा सकती है।

भाजपा के मीडिया प्रभारी के नाते सबसे पहले राजीव जैन ने गांवों का लाल डोरा खत्म करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा था। उनके पत्र को आधार बनाकर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट सब कमेटी बनाई। इसके बाद एक के बाद एक हुई बैठकों में लाल डोरा खत्म करने पर सहमति बनी। बैठक में हालांकि यह प्रस्ताव भी आया कि लाल डोरे का दायरा बढ़ा दिया जाए, लेकिन सहमति तमाम प्रॉपर्टी को लाल डोरे के दायरे से बाहर करने पर बनी।

लाल डोरा खत्म होने से होंगी जमीन की रजिस्ट्री

लाल डोरा खत्म करने से करीब 70 फीसद गांव में बसने वाली आबादी को सीधा फायदा होगा। लाल डोरे के दायरे में आने वाली तमाम प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री हो सकेगी और भू-संपत्तियों की खरीद-फरोख्त शुरू होने के साथ ही जमीन की मार्केट वेल्यू में इजाफा होगा। 

गांव में सुधरेगा शिक्षा का स्तर, मिलेंगे लोन

हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं की शिक्षा बड़ा मुद्दा है। ग्रामीणों को अब बच्चों की उच्च शिक्षा और नौकरियों के लिए एजुकेशन के लिए प्रॉपर्टी पर लोन मिल सकेंगे। राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने मंत्री समूह की बैठक में हुई लाल डोरा खत्म करने की चर्चा की पुष्टि करते हुए कहा कि देश के इतिहास में यह आज तक का बहुत बड़ा फैसला होगा।

प्रॉपर्टी बाजार में आएगी तेजी, रुकेंगे अवैध निर्माण

गांव में अवैध निर्माण और उन्हें नियमित कराना बड़ी समस्या थी। गांवों के लोग लाल डोरा बढ़ाने का दबाव सरकार पर लंबे समय से बना रहे थे। इस दबाव और लोगों की जरूरत को समझते हुए कैबिनेट सब कमेटी ने राजीव जैन के प्रस्ताव पर मुहर लगाई और मंत्री समूह ने सिफारिशों को मान लिया। अब अवैध निर्माण बंद होंगे और प्रापर्टी का बाजार गर्माएगा।

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क्या होता है लाल डोरा

जब गांव बसता है तो लाल डोरे की लाइन खींच दी जाती है। इसके अंदर ही घर बनाना होता है यानी कि इस लाल डोरे के अंदर आबादी होती है। डोरे के अंदर रहने वाले लोगों को अगर जमीन की रजिस्ट्री करानी होती है तो सरपंच उन्हें लिखवाना होता है। इसके बाद ही इंतकाल होता है। अगर किसी व्यक्ति ने लाल डोरे की लाइन (फिरनी) के बाहर जमीन खरीदनी है तो उसकी सीधी रजिस्ट्री हो जाती है।

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'' गांवों का लाल डोरा बढ़ाने के लिए हमारी सरकार लंबे समय से प्रयासत थी। इसके लिए मैंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को चिट्ठी लिखी थी जिसके बाद उन्होंने कैबिनेट सब कमेटी का गठन कर दिया। तमाम चर्चाओं के बाद कैबिनेट सब कमेटी की सिफारिशों पर मंत्री समूह भी सहमत हो गया और अब इस पर कैबिनेट की मुहर लगनी बाकी है। राज्य के लोगों को यह अब तक का सबसे बड़ा तोहफा होगा।

                                                                                      - राजीव जैन, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार।

 

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