जेएनएन, चंडीगढ़। भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजे को लेकर किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए प्रदेश सरकार अब खरीदी गई जमीन पर ही बड़े प्रोजेक्ट लगाएगी। महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी में बनने वाले फ्रेट विलेज को सरकार अपनी ही जमीन पर लगाएगी। फ्रेट विलेज प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार से भी मंजूरी मिल गई है।

महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी में फ्रेट विलेज पर केंद्र की मुहर

हरियाणा निवास में पत्रकारों से रू-ब-रू मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि फ्रेट विलेज क्षेत्र में औद्योगिक विकास में तेजी आएगी। इसके अलावा मौजूदा उद्योगों के संचालन की दक्षता में सुधार होगा और कंपनियां निवेश के लिए आकर्षित होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि नांगल चौधरी में 886.78 एकड़ भूमि पर फ्रेट विलेज परियोजना का स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) द्वारा दो चरणों में विकास किया जाएगा। पहले चरण में 1029 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरे चरण के विकास के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी।

चार हजार युवाओं को प्रत्यक्ष और छह हजार को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष लाभ और अर्थव्यवस्था पर कई गुणा प्रभाव होने के दृष्टिगत इस परियोजना का बहुत अधिक आर्थिक मूल्य है। परियोजना के आर्थिक लाभों में रोजगार का निर्माण, ईंधन लागत में कमी, निर्यात में वृद्धि, वाहन (ट्रक) परिचालन लागत में कमी, दुर्घटना संबंधित लागतों  में कमी, राज्य सरकार द्वारा करों के संग्रह में वृद्धि, प्रदूषण में कमी लाना आदि शामिल हैं। फ्रेट गांव से चार हजार युवाओं को प्रत्यक्ष और छह हजार को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

सीएम ने कहा कि परियोजना के पहले चरण को 2020-21 तक पूरा किया जाएगा। विभिन्न निर्माण पैकेजों को इस तरह से बनाया जाएगा कि ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा निर्माण एक साथ पूरा हो जाए। प्रोजेक्ट के दूसरे चरण को वर्ष 2028 तक पूरा किया जाएगा। फ्रेट विलेज को डबला में वेस्ट्रर्न डेडिकेटिड कॉरिडोर (डीएफसी) से जोड़ा जाएगा, जिसकी दूरी लगभग 10 किलोमीटर है ।

Posted By: Sunil Kumar Jha