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    खेल स्टेडियमों एंट्री फीस लगाने के मामले पर हरियाणा सरकार का यू टर्न, खिलाड़ी निशुल्क करते रहेंगे प्रेक्टिस

    By Kamlesh BhattEdited By:
    Updated: Fri, 22 Apr 2022 04:26 PM (IST)

    हरियाणा खेल विभाग ने खेल स्टेडियमों खिलाड़ियों पर एंट्री फीस लगाने का फैसला किया था। इसका विपक्ष ने जमकर विरोध किया। इसके बाद सरकार ने खिलाड़ियों से स्टेडियमों में एंट्री फीस लेने का फैसला वापस ले लिया है।

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    हरियाणा के स्टेडियमों में एंट्री फीस लेने का फैसला वापस। सांकेतिक फोटो

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के खेल स्टेडियमों में खिलाड़ियों पर 100 रुपये एंट्री फीस लगाने पर छिड़े सियासी घमासान के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया है। खेल विभाग द्वारा जारी आदेशों पर यू-टर्न लेते हुए खेल राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों को स्टेडियम में जाने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी। सभी खिलाड़ी स्टेडियम में निशुल्क खेलों की तैयारी कर सकेंगे।

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    इसके अलावा हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन के तहत आने वाली खेल एसोसिएशन या फेडरेशन को भी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। केवल निजी संस्थाओं को खेल स्टेडियम का प्रयोग करने के लिए निर्धारित शुल्क देना पड़ेगा।

    खेल राज्य मंत्री ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के विकास के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि खिलाड़ियों को स्टेडियम या खेल परिसरों में जाने के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन के तहत आने वाली खेल एसोसिएशन या फेडरेशन स्टेट चैंपियनशिप या नेशनल चैंपियनशिप सहित अन्य खेल प्रतियोगिताएं निशुल्क आयोजित कर सकती हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए नित नए कदम उठाए जा रहे हैं। एक ओर जहां देश व दुनिया में हरियाणा का नाम खिलाड़ियों को सर्वाधिक पुरस्कार राशि देने के लिए जाना जाता है तो वहीं खिलाड़ियों को खेलों की तैयारी के लिए पांच लाख रुपये की राशि एडवांस में देने की पहल से भी प्रदेश की पहचान खेलों व खिलाड़ियों के हब के रूप में बनी है।

    संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की नीतियों के परिणास्वरूप ही प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल स्पर्धाओं में मेडल जीतकर हरियाणा के साथ-साथ भारत का नाम भी विश्व मानचित्र पर दर्शाया है। ओलिंपिक व पैरालिंपिक-2021 इसका जीवंत उदाहरण है कि कैसे हरियाणा खेलों के क्षेत्र में अन्य राज्यों के लिए पथ प्रदर्शक बनकर उभर रहा है।

    हुड्डा व चौटाला ने जताया था विरोध

    हरियाणा में खेल स्टेडियमों में अभ्यास के लिए खिलाड़ियों को 100 रुपये तो आमजन को 1000 रुपये फीस देने का प्राविधान किया गया था। इस पर सवाल उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने विरोध किया। हुड्डा ने कहा कि खेल स्टेडियम कोई पब, क्लब, बार या डिस्को नहीं हैं जहां सरकार टैक्स लगाना चाहती है।

    वहीं, इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने इसे जजिया कर बताया। अभय चाैटाला ने कहा कि खिलाड़ियों के प्रति यह रवैया ठीक नहीं। पहले सरकारी नौकरियों में ए और बी कैटेगरी में खिलाड़ियों का कोटा खत्म किया। फिर कुश्ती, निशानेबाजी और तीरंदाजी खेलों को राष्ट्रमंडल खेलों की सूची से बाहर करने का निर्णय ले लिया। बहरहाल, आज सरकार ने इस पर यू टर्न ले लिया है।