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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आंदोलनकारी किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने सील किए बार्डर

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 24 Nov 2020 03:47 PM (IST)Updated: Tue, 24 Nov 2020 06:22 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने किसानों के दिल्‍ली चलो आंदोलन के मद्देनजर अन्‍य राज्‍यों से लगती सीमाओं को सील कर दिया है। ...और पढ़ें

किसानों को दिल्‍ली जाने से रोकने के लिए हरियाणा ने अपने अंतरराज्‍य सीमाएं सील कर दी है। (फाइल फोटो)
किसानों को दिल्‍ली जाने से रोकने के लिए हरियाणा ने अपने अंतरराज्‍य सीमाएं सील कर दी है। (फाइल फोटो)

चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा सरकार ने किसानों के दिल्‍ली कूच के मद्देनजर अन्‍य राज्‍यों से लगती सीमाओं को सील करेगी। इसके साथ ही इन किसानों की धरपकड़ तेज कर दी गई है। हरियाणा सरकार ने किसी भी सूरत में इन किसानों को दिल्ली जाने से रोकने की रणनीति बनाई है। इसके तहत न केवल हरियाणा और पंजाब की सीमाएं सील की जाएंगी, बल्कि किसानों को हरियाणा से बाहर दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब राज्यों की सीमाएं सील, लोगों से इन रास्तों पर न जाने की अपील

दिल्ली में कोरोना वायरस का कहर है। यदि किसान किसी किसी तरह जिद कर दिल्ली जाने में कामयाब भी हो गए तो उन्हें कोरोना होने अथवा उनसे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। लिहाजा सरकार नहीं चाहती कि किसी तरह का रिस्क लिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए हरियाणा व पंजाब की सीमाएं सील की जाएंगी। अभी तक कुछ किसानों को एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया है। कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए यह जरूरी भी है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसान संगठनों से कहा वह विपक्ष के बहकावे में न आएं, दिल्ली मत जाएं

मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने किसान संगठनों से कहा कि वे तीन कृषि कानूनों के विरोध में 26 नवंबर को दिल्ली कूच का इरादा छोड़ दें। यह किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। कांग्रेस समेत कुछ किसान संगठन किसानों को बरगलाने का काम कर रहे हैं। तीनों कृषि कानून किसानों के हित में हैं। न तो एमएसपी बंद हो रहा है और न ही मंडियां बंद हो रही हैं। हरियाणा सरकार ने धान की फसल की खरीद सभी मंडियों में एमएसपी पर की है। आगे भी ऐसा ही होगा और भविष्य में मंडियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

मनोहर लाल ने प्रदेश के लोगों से भी आह्वान किया कि 25 व 26 नवंबर को वह दिल्ली जाने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पंजाब जाने वाले रास्तों पर भी लोग न जाएं। कुछ लोग अपने मकसद को पूरा करने के लिए किसानों को बरगलाने का काम कर रहे हैं। किसान इस बात को समझ भी रहे हैं, मगर कुछ मुट्ठी भर लोग उन्हें भ्रमित करने में लगे हैं।

उन्‍होंने कहा कि इन तीनों कृषि कानूनों का फायदा एक साल के बाद पूरी तरह से नजर आने लगेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना पर जो राजनीति हो रही है उसका कोई लाभ नहीं होगा। आज कोरोना पर कैसे जीत हासिल हो सकती है, वह हमारी प्राथमिकता है। विपक्ष की प्राथमिकता भी इसी तरह की होनी चाहिये।

एसपी पर एफआइआर का मतलब यह नहीं कि वह दोषी

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पानीपत की एसपी मनीषा चौधरी पर दर्ज एफआइआर के मामले में स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि पूर्व पार्षद की बेटी ने ऐसी मांग की थी और किसी पर एफआइआर दर्ज होने का मतलब यह कतई नहीं होता कि वह दोषी साबित हो गया। एफआइआर दर्ज होने के बाद जांच भी होती है। किसी नतीजे पर पहुंचा जाता है।

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