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हरियाणा में गेस्ट टीचरों को रेगुलर करने की दिशा में बढ़ी नायब सरकार, सेवा रिकॉर्ड की जांच शुरू

Published: Thu, 10 Sep 2026 10:36 PM (IST)

हरियाणा सरकार ने अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए उनके सेवा रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

हरियाणा के 12 हजार अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की उम्मीद जगी।

हरियाणा के 12 हजार अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की उम्मीद जगी।

HighLights

  1. अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण हेतु सेवा रिकॉर्ड की जांच शुरू

  2. हाईकोर्ट के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया तेज की

  3. मृतक शिक्षकों के परिवारों को सामाजिक सुरक्षा की मांग

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा के करीब 12 हजार गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण की मांग अब एक अहम पड़ाव पर पहुंचती दिखाई दे रही है। करीब दो दशक से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों के दावों की जांच के लिए शिक्षा विभाग ने व्यक्तिगत सेवा रिकॉर्ड जुटाने और उसकी कानूनी कसौटी पर पड़ताल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया गया है।

शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता गेस्ट टीचरों के नियुक्ति पत्र, नियुक्ति की प्रकृति व तारीख, कार्यग्रहण, सेवा की निरंतरता, पद की स्वीकृति और स्थिति, सेवा में ब्रेक तथा शैक्षणिक योग्यता समेत नियमितीकरण से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच की जाए। प्रत्येक शिक्षक के मामले में अलग-अलग ‘स्पीकिंग रिपोर्ट’ तैयार करनी होगी, जिसमें साफ बताया जाएगा कि संबंधित शिक्षक नियमितीकरण की निर्धारित शर्तें पूरी करता है या नहीं।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच 16 जून 2014 की सरकार की नियमितीकरण नीति और सुप्रीम कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के मदन सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा सरकार मामले में दिए फैसले के आधार पर होगी। अधिकारियों को रिपोर्ट समय पर और सभी कानूनी पहलुओं के साथ भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगने की संभावना तथा रिकॉर्ड भेजने में लापरवाही पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होने की चेतावनी भी दी गई है।

इसी प्रक्रिया के तहत नारनौल में पीजीटी गेस्ट टीचरों को अपने रिकॉर्ड लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे नियुक्ति, कार्यग्रहण, स्थानांतरण या कार्य परिवर्तन आदेश, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, मूल सेवा पंजिका, मेरिट संबंधी दस्तावेज और पुलिस वेरिफिकेशन सहित रिकॉर्ड मांगा गया है।

गेस्ट टीचरों के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया के समक्ष भी रखा है। विधानसभा में सीएम के साथ हुई बैठक में शिक्षकों ने अपनी करीब 20-21 वर्ष की सेवा और अनुभव का हवाला देते हुए नियमितीकरण की मांग उठाई थी।

  • करीब 12 हजार गेस्ट टीचर
  • 20-21 साल की सेवा
  • 2014 की नियमितीकरण नीति
  • सुप्रीम कोर्ट का 16 अप्रैल 2026 का फैसला
  • हाईकोर्ट के आदेश के बाद रिकॉर्ड जांच शुरू

कई शिक्षक हो चुके दिवंगत

राजकीय माध्यमिक विद्यालय दुब्बल (कैथल) में सोशल स्टडीज शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापक सोहन सिंह राणा का हृदयाघात से निधन हो गया। वह 21 वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे थे।

गेस्ट टीचरों के मीडिया प्रभारी डॉ. अजय लोहान के अनुसार कैथल में पिछले 17 दिनों में चार अतिथि अध्यापकों की सेवाकाल के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि जिले में अब तक यह संख्या 38 पहुंच गई है।

शिक्षक नेताओं मैना यादव, कृष्ण धारसूल, राजेंद्र शास्त्री, कुलदीप झरौली, पारस शर्मा और नरेंद्र संधू ने सरकार से दिवंगत शिक्षकों के परिवारों के लिए प्रभावी सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता की मांग की है।

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