जेएनएन,चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले हरियाणा सरकार ने करीब 4300 कर्मचारियों की नौकरी बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। वे कच्चे कर्मचारी के तौर पर भर्ती हुए थे और उन्हें पिछली कांग्रेस सरकार ने पक्का कर दिया था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कांग्रेस सरकार की रेगुलराइजेशन पॉलिसी को रद कर इनके स्थान पर नई भर्ती करने के आदेश दिए और इस वजह से इन कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ गई है।

31 मई 2018 को आए हाइकोर्ट के फैसले से लगभग 4300 सरकारी कर्मचारियों की नौकरी जाने या पक्के से कच्चे होने का खतरा बन गया था। बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव और उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक की तरफ से स्पेशल लीव पिटीशन डाली गई, जिसमें 31 मई के हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील की गई है।

इस एसएलपी में योगेश त्यागी और अंशुल वलेचा को रेस्पोंडेंट बनाया गया है। इन्हीं दोनों की अपील पर हाइकोर्ट ने रेगुलराइजेशन पॉलिसी के तहत पक्के हुए कर्मचारियों के खिलाफ फैसला सुनाया था। अब विधानसभा में राज्य सरकार की ओर से विशेष बिल लाए जाने की संभावना पर लगभग विराम लग गया है।

Posted By: Sunil Kumar Jha