चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा सरकार ने कॉलजों में कार्यरत असिस्‍टेंट प्रोफेसरों को बड़ा तोहफा दिया है। लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे पीएचडी असिस्टेंट प्रोफेसरों को पांच एडवांस इंक्रीमेंट मिलेगा। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में वर्ष 2006 से 2015 तक लगे करीब 800 सहायक प्रोफेसरों को इसका लाभ मिलेगा।

करीब 800 सहायक प्रोफेसरों को दस से बारह हजार रुपये का लाभ

वेतन में बढ़ोतरी से नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) पास नहीं कर सके इन असिस्टेंट प्रोफेसर को करीब दस से बारह हजार रुपये मासिक का फायदा होगा। उच्चतर शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इससे पहले हिसार कृषि विश्वविद्यालय में लगे सहायक प्रोफेसरों को पांच एडवांस इंक्रीमेंट दी गईं थी।

कॉलेज टीचर एसोसिएशन के फैसले का स्वागत करते हुए प्रधान डॉ. राजबीर सिंह और महासचिव डॉ. मदन राठी ने कहा कि लंबे समय से यह मांग की जा रही थी। एसोसिएशन इस लाभ को सातवें वेतनमान में जारी रखने के लिए भी प्रयास करती रहेगी। यूजीसी ने भी इसकी सिफारिश की है।

प्रो. राजबीर सिंह बने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के वीसी

प्रो. राजबीर सिंह महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के नए वाइस चांसलर होंगे। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने उन्हें तीन साल या 68 साल की आयु तक के लिए रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का वीसी बनाया है। प्रो. राजबीर सिंह अभी तक पंडित लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट एंड विजुअल्स के वीसी का कार्यभार संभाले हुए थे।

287 टीजीटी बने स्कूल मुखिया

प्रदेश सरकार ने 287 टीजीटी (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) को पदोन्नत करते हुए मौलिक स्कूल मुख्याध्यापक बनाया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से 38 टीजीटी का रिकॉर्ड तलब किया है।

Posted By: Sunil Kumar Jha

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस