राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Enhancement Scheme: हरियाणा सरकार ने शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के उपभोक्ताओं को बडी राहत दी है। राज्‍य सरकार ने इन आवंटियों को करीब 800 करोड़ का तोहफा दिया है। राज्‍य सरकार ने एन्हांसमेंट के निपटान के लिए एकमुश्त भुगतान योजना एक बार से लागू की है।

इन्‍हांसमेंट पर एकमुश्‍त भुगतान योजना फिर से लागू की 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आवंटियों को इस योजना के तहत करीब आठ सौ करोड़ रुपये से अधिक छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से साल 2022 के लिए अंतिम एकमुश्त भुगतान योजना 17 अगस्त से आरंभ होकर 30 सितंबर 2022 तक जारी रहेगी, ताकि पात्र आवंटी एचएसवीपी के साथ अपनी बकाया राशि और एन्हांसमेंट का निपटान कर सकें। ऐसे लोगों को ब्याज में छूट मिलेगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा प्रदान की गई इस सुविधा को एचएसवीपी के आवंटियों के लिए आजादी के अमृतकाल में सरकार का तोहफा करार दिया गया है। एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर एकमुश्त भुगतान योजना की शुरूआत वर्ष 2018 में की गई थी, जिसका उद्देश्य वसूली प्रक्रिया को आसान बनाकर और लंबित विवादों को सुलझाकर आवंटियों के हितों की रक्षा करना था। इस योजना में आवंटियों की सुविधा के लिए एचएसवीपी की वेबसाइट (www.hsvphry.org.in) पर आनलाइन प्रक्रियाओं के माध्यम से विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।

अजीत बालाजी ने बताया कि यह योजना आवासीय भूखंडों, समूह आवास स्थलों, संस्थागत और औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों पर लागू होगी। योजना से लाभान्वित होने वाले सक्रिय लाभार्थी के रूप में आवंटियों की कुल संख्या 8507 है और जिन क्षेत्रों व सेक्टरों में यह योजना लागू होगी, उनकी कुल संख्या 140 है। इसके अंतर्गत एचएसवीपी ने आवंटियों को 800 करोड़ रुपये से अधिक की छूट देने की पेशकश की है। योजना की पूर्ण जानकारी एचएसवीपी वेबसाइट (www.hsvphry.org.in) से प्राप्त की जा सकेगी।

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मुख्य प्रशासक के अनुसार, यह एक वैकल्पिक योजना है। यदि आवंटी इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहता है तो उसे बिना शर्त शपथ पत्र देना होगा कि वह व्यक्तिगत रूप से या किसी संघ या समाज के माध्यम से किसी भी न्यायालय में लंबित मुकदमे को वापस ले लेगा और वह भविष्य में राशि में बढ़ोतरी पर विवाद नहीं करेगा।

उन्होंने कहा की इस योजना का लाभ उन आवंटियों को उपलब्ध नहीं होगा, जिन्होंने पहले ही एकमुश्त निपटान योजना (ओटीएसएस) या पूर्ण और अंतिम निपटान योजना (एफएफएसएस) या अंतिम निपटान योजना (एलएफएसएस) का लाभ ले रखा है। इन योजनाओं की शुरूआत में ही उन्होंने ब्याज के साथ अतिरिक्त मूल्य, उस पर विलंबित ब्याज शीर्ष के तहत अपनी बकाया राशि का निपटान किया था।

इस तरह से लिया जा सकेगा योजना का लाभ

अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि योजना का लाभ उन आवंटियों को भी नहीं मिलेगा, जिन्होंने अपनी मर्जी से अतिरिक्त मूल्य के साथ ब्याज, विलंबित ब्याज मद के तहत पहले ही देय राशि का भुगतान कर दिया था। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा यह पहल देय राशि के प्रभावी ढंग से प्रबंधन के लिए की जा रही है, ताकि पात्र और इच्छुक आवंटी अपने घर से अपनी बकाया राशि का निपटान कर सकें।

उन्होंने कहा कि किसी भी संदेह अथवा सवाल के मामले में, पात्र आवंटियों को अपना प्रतिवेदन एचएसवीपी के अपने संबंधित संपदा कार्यालयों को भेजना होगा। ऐसे आवंटी अंतिम निपटान योजना पोर्टल पर भी अपना अनुरोध दर्ज कर सकते हैं। एचएसवीपी के एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश के द्वारा योजना के तहत लाभ केवल उन लोगों को दिया जाएगा जो योजना बंद होने से पहले एचएसवीपी खाते में अपना पूरा बकाया चुका देंगे।

Edited By: Sunil Kumar Jha

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