जेएनएन, चंडीगढ़। रेल कोच फैक्‍टरी के मामले में हरियाणा को झटका लगा है। सोनीपत जिले में रेल कोच फैक्‍टरी लगाई जाएगी वहां ट्रेनों की बोगियों की मरम्‍मत का कार्य हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गढ़ी सांपला में रेल कोच रिपेयर फैक्टरी का शिलान्यास किया था। दरअसल यहां रेल कोच फैक्‍टरी मंजूर किया गया था, लेकिन इसे कोच मरम्‍मत फैक्‍टरी में बदल दिया गया है। इस पर विपक्ष ने सवाल उठाया है।

कांग्रेस संसदीय दल के उप सचेतक दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र व राज्य सरकार पर प्रदेश के लोगों के साथ छलावा करने के आरोप लगाया हैै। दीपेंद्र ने कहा कि सोनीपत में रेल कोच फैक्टरी बननी थी। इसके लिए ही समझौता हुआ था, लेकिन सरकार ने यहां रेल कोच रिपेयर वर्कशाप बनाकर लोगों को गुमराह किया है।

दीपेंद्र हुड्डा ने रेल कोच फैक्टरी के लिए हुए एमओयू की प्रतियां भी सार्वजनिक की हैं। दीपेंद्र के अनुसार 2013 के रेल बजट में तत्कालीन रेल मंत्री पवन बंसल ने सोनीपत जिले में इलेक्ट्रिकल रेल कोच फैक्टरी को मंजूरी दी थी। यह रेलवे की पहली कोच फैक्टरी थी। कपूरथला में चल रही रेलवे कोच फैक्टरी में इलेक्ट्रिकल कोच नहीं बनते। करीब 500 एकड़ भूमि में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से रेल कोच फैक्टरी का निर्माण किया जाना था।

दीपेंद्र हुड्डा के अनुसार रेल कोच फैक्टरी के लिए हरियाणा सरकार, रेल मंत्रालय और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल प्राइवेट लिमिटेड (भेल) के साथ एमओयू साइन हुआ था। केंद्र सरकार ने वाराणसी में इस तरह की रेल कोच फैक्टरी लगाई है। सरकार को इस बात का जवाब देना चाहिए कि सोनीपत की मंजूर रेल कोच फैक्टरी कहां गई। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो हजार एकड़ भूमि में गोहाना में स्थापित होने वाली आइएमटी का प्रोजेक्ट भी अब रद कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें: इस गोल्‍ड मेडलिस्‍ट बॉक्‍सर ने शादी में भी कायम की मिसाल, ऐसा लिया दहेज कि हो रहे चर्चे

सांसद दीपेंद्र हुड्डा के अनुसार सोनीपत के बड़ी में प्रधानमंत्री ने जिस वर्कशाप का शिलान्यास किया है, वहां सिर्फ रेल के पुराने डिब्बों की मरम्मत और पेंट होगा। नए प्रोजेक्ट शुरू करने की बजाय केंद्र व राज्य सरकारें यूपीए सरकार की मंजूर परियोजनाओं को ही बंद करने में लगी हैैं।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बहादुरगढ़ में मेट्रो का उद्घाटन करने भी प्रधानमंत्री आए थे, मगर मेट्रो की एक इंच भी नई लाइन प्रदेश को नहीं मिली। बाढ़सा के एम्स-दो में नौ नए मेडिकल इंस्टीट्यूट स्थापित होने थे। अभी केवल नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट पर ही काम हुआ है। गुरुग्राम की इंदिरा गांधी डिफेंस यूनिवॢसटी का काम भी लंबित है।

मोदी-शाह की चुनौती स्वीकार, नवंबर में रथयात्रा 

दीपेंद्र हुड्डा ने मोदी व शाह के हरियाणा दौरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका पूरा जोर रोहतक संसदीय क्षेत्र पर है। यदि वे रैलियों के जरिये हमें चुनौती दे रहे हैैं तो वह चुनौती हमें स्वीकार है। नवंबर के पहले सप्ताह में जनक्रांति रथयात्रा फिर से शुरू होगी।

 

Posted By: Sunil Kumar Jha