नई दिल्ली [बिजेंद्र बंसल]। हरियाणा को पढ़ी-लिखी पंचायत, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, शिक्षक तबादला नीति, कैरोसिन फ्री राज्य जैसी अपनी बनाई योजनाओं के लिए तो केंद्र सरकार से शाबासी मिली ही है, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने मनोहर सरकार की 'हर घर नल से जल' योजना का तय लक्ष्य के अनुसार क्रियान्वयन कराने के लिए सराहना की है। इस योजना के तहत हर घर तक नल से पानी देने की व्यवस्था की जानी है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा सरकार को पिछले वर्ष 149.95 करोड़ की अनुदान राशि को भी 139.56 करोड़ बढ़ाकर 289.51 करोड़ रुपये कर दिया है। इसके साथ ही हरियाणा को जल जीवन मिशन के तहत केंद्रीय निधि के रूप में इस वर्ष 380.31 करोड़ रुपये मिलेंगे। राज्य सरकार के समतुल्य अंश के साथ इस मिशन को पूरा के लिए हरियाणा में 760.62 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध होगी।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल जीवन मिशन योजना की समीक्षा करते हुए वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव के लिए हरियाणा सरकार के प्रयासों की भी सराहना की तथा मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा को जल जीवन मिशन योजना के लिए आवंटित राशि तत्काल उपलब्ध हो जाए। शेखावत ने बताया कि हरियाणा के सभी गांवों में पाइप से पानी की आपूर्ति उपलब्ध है। मिशन की 71 फीसद योजनाएं कार्यशील हैं तथा दिसंबर, 2022 तक राज्य के सभी गांवों में शत प्रतिशत घरों तक नल से पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।

पंद्रहवें वित्त आयोग ने भी दिए ग्रामीण स्वच्छता और जलापूर्ति के लिए 632 करोड़

केंद्र सरकार की तरफ से गठित पंद्रहवें वें वित्त आयोग ने भी अनुदान के तौर पर हरियाणा को वर्ष 2020-21 के लिए पंचायती राज संस्थाओं को 1264 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। इस राशि का 50 फीसद 632 करोड़ रुपये भी ग्रामीण स्वच्छता व जलापूर्ति के लिए खर्च किया जाना है। इससे हरियाणा के गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी और जल की स्वच्छता, गंदे पानी का शोधित कर पुनर्उपयोग की योजनाएं वित्त आयोग के अनुदान से पूरी की की जाएंगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के साधन

केंद्र सरकार का मानना है कि जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा के प्रत्येक गांव में हर घर तक नल से पानी देने की योजना को क्रियान्वित करने के दौरान ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने बताया कि राजमिस्त्री, प्लंबर, बिजली टेक्निशियन की तो अब गांवों में शहरों की तरह ही जरूरत होगी। इसके अलावा कुशल मजदूरों की भी इस योजना में जरूरत पड़ेगी। योजना पूरी होने के बाद भी इनकी गांववासियों को जरूरत पड़ेगी, इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री कौशल केंद्र से समन्वय कर अभी से कुशल कामगारों के लिए प्रशिक्षण शुरू कराने की व्यवस्था करे।

 

Edited By: Kamlesh Bhatt

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