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फसलों के दाम बढ़ने से हरियाणा के किसानों की मौज, जेब में आएंगे 720 करोड़ ज्यादा रुपये

Published: Mon, 05 Oct 2026 07:49 PM (IST)

केंद्र सरकार द्वारा रबी 2027-28 की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी से हरियाणा के किसानों को लगभग 720 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

रबी एमएसपी बढ़ोतरी: हरियाणा के किसानों की आय में 720 करोड़ का इजाफा।

रबी एमएसपी बढ़ोतरी: हरियाणा के किसानों की आय में 720 करोड़ का इजाफा।

HighLights

  1. रबी फसलों के एमएसपी में केंद्र सरकार ने की बढ़ोतरी

  2. हरियाणा के किसानों को मिलेगा 720 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ

  3. सरसों-गेहूं किसानों को अधिक लाभ, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। केंद्र सरकार द्वारा रबी 2027-28 की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी हरियाणा के किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता खोलने वाली है। वर्तमान सरकारी खरीद को आधार मानें तो एमएसपी में हुई बढ़ोतरी से राज्य के किसानों को लगभग 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

वहीं, यदि सरसों की सरकारी खरीद राज्य द्वारा निर्धारित लगभग 13 लाख टन के स्तर तक पहुंचती है, तो किसानों को मिलने वाला अतिरिक्त कुल लाभ बढ़कर लगभग 720 करोड़ रुपये हो सकता है।

एमएसपी के दामों में हुई बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर सरसों और गेहूं उत्पादक किसानों पर पड़ने की संभावना है। सरसों का एमएसपी 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, यानी किसानों को 413 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। वहीं, गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये से बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है, जिससे 25 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

हरियाणा में लगभग 72 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद को आधार मानने पर किसानों को करीब 180 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। करीब 4.69 लाख गेहूं विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन करीब 3,800 रुपये का अतिरिक्त लाभ बैठता है।

सरसों के मामले में एमएसपी बढ़ोतरी का असर और बड़ा दिखाई देता है। करीब आठ लाख टन सरसों की सरकारी खरीद होने पर किसानों को लगभग 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। अगर खरीद बढ़कर 13 लाख टन तक पहुंचती है तो अकेले सरसों उत्पादकों को लगभग 537 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

इस स्थिति में रबी फसलों से किसानों को मिलने वाला कुल अतिरिक्त लाभ लगभग 720 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। करीब 2.59 लाख सरसों विक्रेताओं के आधार पर प्रति किसान औसतन 12,700 रुपये का अतिरिक्त लाभ होने का अनुमान है।

सरसों उत्पादन में अग्रणी सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी जैसे जिलों के किसानों को इसका विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। एमएसपी में बढ़ोतरी का असर केवल गेहूं और सरसों तक सीमित नहीं है।

जौ का एमएसपी 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये, चने का 5,875 रुपये से बढ़ाकर 5,958 रुपये, मसूर का 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये और कुसुम का 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

कुसुम के मूल्य में सबसे अधिक 675 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस तरह एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों को गेहूं के साथ दलहन और तिलहन की खेती की ओर बढ़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दे सकती है। इससे राज्य में फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।