हरियाणा में अभियोजन विभाग के पूर्व निदेशक समेत तीन पर FIR, फर्जी शिकायत से पदोन्नति रोकने की कोशिश का आरोप
पंचकूला में हरियाणा के अभियोजन विभाग के पूर्व निदेशक समेत तीन के खिलाफ फर्जी शिकायत से पदोन्नति रोकने की कोशिश ...और पढ़ें

पंचकूला के सेक्टर-14 थाने में एफआईआर। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
पूर्व निदेशक नरशेर सिंह, एडीए करण कपूर पर केस दर्ज।
फर्जी शिकायत से पदोन्नति रोकने का आरोप लगाया गया।
सेवानिवृत्त निदेशक सुखबीर सिंह गोयत ने शिकायत की।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। फर्जी शिकायत से पदोन्नति रोकने की कोशिश का आरोप में हरियाणा के अभियोजन विभाग के पूर्व निदेशक अभियोजन नरशेर सिंह, अभियोजन निदेशालय में तैनात एडीए करण कपूर और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
यह कार्रवाई अभियोजन विभाग में निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए सुखबीर सिंह गोयत की शिकायत पर हुई है। गोयल ने सेक्टर-14 थाने में शिकायत दी थी। गोयत के अनुसार, वर्ष 2020 में वह हरियाणा पुलिस महानिदेशक कार्यालय में अभियोजन विभाग के अतिरिक्त निदेशक के पद पर तैनात थे।
इसी दौरान अजय सिंह के नाम से उनके खिलाफ शिकायत तैयार कर मुख्यमंत्री, तत्कालीन गृह मंत्री, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और डीजीपी समेत अन्य अधिकारियों को भेजी गई। शिकायत में उन पर जिला अटॉर्नी के चयन में अनियमितता करने और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
पूर्व निदेशक पर फर्जी शिकायत तैयार करने वाले का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह शिकायत वास्तव में नरशेर सिंह ने तैयार करवाई थी और दो नवंबर 2020 को हांसी डाकघर से पंजीकृत डाक के माध्यम से अधिकारियों को भेजी गई। इसके बाद डीजीपी के निर्देश पर आईजी हिसार रेंज से मामले की जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर 18 मई 2021 को शिकायत को बंद कर दिया गया था।
गोयत का आरोप है कि शिकायत में लगाए गए आरोप निराधार पाए जाने के बावजूद फर्जी नाम से शिकायत भेजने का उद्देश्य उनकी छवि खराब करने के साथ निदेशक अभियोजन पद पर उनकी पदोन्नति में बाधा डालना था। उन्होंने आरोप लगाया कि नरशेर सिंह, करण कपूर और अन्य लोगों ने मिलीभगत कर शिकायत तैयार की और उसका इस्तेमाल किया।
पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस शिकायत तैयार करने, भेजने और उसमें इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों तथा आरोपितों की कथित भूमिका की जांच करेगी।
पूर्व निदेशक नरशेर सिंह बोले- मेरा कोई संबंध नहीं
नरशेर सिंह ने कहा कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उन्हें एफआईआर दर्ज होने की जानकारी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी की पदोन्नति का निर्णय सरकार के अधिकार क्षेत्र में होता है। उनके द्वारा किसी के खिलाफ झूठी शिकायत करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने बताया कि इससे पहले हिसार के डीएसपी को दी गई शिकायत भी बाद में बंद हो गई थी।
एडीए करण कपूर बोले- एफआईआर की आधिकारिक सूचना नहीं
एडीए करण कपूर ने कहा कि उन्हें एफआईआर के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। उनके अनुसार, इस संबंध में पहले भी शिकायत सामने आई थी, जिसे बाद में फाइल कर दिया गया था। एसीएस होम स्तर पर दी गई शिकायत की जांच भी चल रही है। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।
