हरियाणा के बाजरा किसानों की बल्ले-बल्ले, भावांतर भरपाई योजना से मिलेगा 2900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव
हरियाणा सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा उत्पादक किसानों को 2900 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करेगी।

हरियाणा के बाजरा किसानों की बल्ले-बल्ले (जागरण ग्राफिक्स)
HighLights
बाजरा किसानों को भावांतर भरपाई योजना से 2900 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी।
सरकार खुले बाजार और एमएसपी के अंतर की भरपाई करेगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बाजरा-धान खरीद की समीक्षा बैठक की।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार इस बार भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2900 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ देना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को बाजरा और धान खरीद की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए।
सरकार बाजरे की खरीद 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करेगी। वहीं, खुले बाजार में इससे अधिक भाव मिलने पर किसान अपनी उपज बाजार में बेच सकेंगे और एमएसपी 2900 रुपये तक पहुंचाने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार भावांतर की भरपाई सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बाजरे का 2900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव देना सुनिश्चित किया जाएगा।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी किसान को खुले बाजार में बाजरे का भाव 2500 रुपये प्रति क्विंटल मिलता है तो 2900 रुपये के एमएसपी और बिक्री मूल्य के बीच 400 रुपये प्रति क्विंटल के अंतर की भरपाई सरकार की ओर से की जाएगी।
वहीं, यदि खुले बाजार में भाव 2300 रुपये से कम रहता है तो सरकार 2300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदेगी और बाकी छह सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाव के अंतर की भरपाई करेगी। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष बाजरे की खरीद के लिए सरकार ने पहले 2150 और बाद में 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की थी। ।
